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पलोग पंचायत में छह जलरक्षकों को नहीं मिल रहा वेतन

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अर्की (सोलन)। पंचायतों में वाटर गार्डों को कई महीनों से वेतन नहीं मिल रहा। वाटर गार्डों को परिवार की गुजर बसर करना मुश्किल हो गया है। आईपीएच विभाग और पंचायतों के सहयोग से रखे वाटर गार्डों की नौकरी वैसे तो 4 घंटे प्रतिदिन की है। लेकिन विभाग इनसे कई गुणा काम लेता है। इसके बदले विभाग इनको समय पर मानदेय भी नहीं देता। उपमंडल अर्की की पंचायत पलोग के तहत उठाऊ पेयजल योजना में पंचायत द्वारा रखे 6 कर्मचारियों का कुछ ऐसा ही हाल है।
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सालों से सेवाएं दे रहे हेमराज ने बताया कि उसे कई महीनों से वेतन नहीं मिला है। कभी मिल जाता है तो कभी कई महीने बाद मिलता है। इसके अलावा चार वाटर गार्डों सहित एक पंप ऑपरेटर भी कई महीनों से वेतन से वंचित है। टुकाणा निवासी हेमराज चौहान ने बताया कि उसे वर्ष 2017 में केवल 7 महीनों के पैसे मिले हैं। इस वर्ष अभी तक एक भी पैसा विभाग की तरफ से नहीं मिला है।
हेमराज एक गरीब परिवार से संबंध रखता है और उसकी आजीविका का यही एक मात्र सहारा है। बेटा दसवीं में पढ़ता है और बेटी ने इसी वर्ष 12वीं की परीक्षा पास की है। बच्चों की फीस और किताबों का खर्चा कैसे होगा। अब दिन-रात यही चिंता सता रही है। कई बार विभाग से इस बारे में अनुरोध किया लेकिन कोई भी सकारात्मक जवाब नहीं मिला। दूसरी तरफ पलोग निवासी चंपा देवी और चुनीलाल शर्मा को इस वर्ष मार्च के बाद कोई पैसा नहीं मिला है। यह दोनों बीपीएल परिवार से संबंध रखते हैं। दलित परिवार से संबंध रखने वाली चंपा देवी विधवा है और बूढ़ी सास सहित 3 बच्चों का पालन पोषण करना उसके लिए किसी चुनौती से कम नहीं। पंचायत सचिव संदीप ने कहा कि जैसे ही जिला पंचायत अधिकारी की तरफ से पैसा आएगा जल रक्षकों को भुगतान कर दिया जाएगा। विभाग की तरफ से ही पैसा नहीं आ रहा है। जिला पंचायत अधिकारी अधीक्षक पुष्पा सुमन ने बताया कि जिन लोगों के पैसे नहीं आ रहे हैं, वहां उनके संज्ञान में है। इन सभी कर्मचारियों के कागज आगे भेजे गए हैं। जैसे ही यह राशि जारी होगी तुरंत पंचायत को दे दी जाएगी।
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