सोलन। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रदेश सरकार की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। सोलन ब्लॉक के डीपो धारकों ने अगले माह राशन का कोटा उठाने से इंकार कर दिया है। पूरे ब्लॉक में 70 डीपो धारक हैं और डीपो धारकों ने संगठन भी बना लिया है। सभी डीपो धारक उनके मुनाफे में कोई बढ़ोत्तरी न होने से आहत हैं।
डीपो धारक राशन का कोटा नहीं उठाएंगे तो गरीब व आम तबके तक सरकारी राशन की खेप नहीं पहुंच पाएगी। उन्हें महंगे दामों पर निजी दुकानों से राशन खरीदना पड़ सकता है। डीपो धारकों का कहना है कि उन्हें दाल पर 3 प्रतिशत, जबकि एक क्विंटल चीनी बेचने पर सात रुपये कमीशन मिल रहा है। खाली बोरी भी उन्हें नहीं दी जा रही है। सोलन में रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए डीपो धारक एसोसिएशन के ब्लॉक अध्यक्ष हेमराज ने बताया कि लंबे समय से डीपो धारक अपने मुनाफे को लेकर चिंतित हैं। लेकिन, सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। चीनी के दाम 2900 रुपये क्विंटल तक पहुंच चुके हैं। उन्होंने बताया कि सौ किलोग्राम चीनी बेचने के बाद डीपो धारक को सात रुपये मिल रहे हैं। जबकि जीएसटी लागू होने के बाद पाई-पाई का हिसाब सरकार मांग रही है। ऐसे में डीपो धारकों का या तो लाभांश बढ़ाया जाए या फिर सरकार सभी डीपो को अपने अधीन लेकर डीपो धारकों को सम्मानजनक वेतनमान दे। ताकि उन्हें इस कार्य से फायदा मिल सके। उन्होंने बताया कि इस माह डीपो धारकों ने अपना-अपना राशन उठा लिया है। लेकिन आगामी माह के लिए वे राशन नहीं उठाएंगे। उपभोक्ताओं को राशन नहीं मिलेेगा। तब डीपो धारकों की पीड़ा सरकार को समझ आएगी। डीपो धारकों ने खुलासा किया है कि डिजिटल राशन कार्ड बनने के बाद जारी की गई मशीनें अपडेट नहीं हैं। इनमें मूल्य वास्तविकता से अलग हैं। जबकि पीओएस मशीनों के 90 प्रतिशत प्रिंटर भी काम नहीं कर रहे हैं। इस मौके पर डीपो धारक एसोसिएशन के प्रधान हेमराज, सचिव संदीप गुप्ता, उपप्रधान पवन पुरी, कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश, यशराज, रेखा देवी व उमा देवी मौजूद रहे।