कोलकाता दुष्कर्म और मर्डर मामले में आरोपियों को मांगी फांसी की सजा
पांवटा साहिब में बुधवार को आक्रोशित युवाओं ने निकाला पैदल रोष मार्च
कोलकाता दुष्कर्म और हत्या मामले की उच्च स्तरीय जांच हो : अरिकेश जंग
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब(सिरमौर)। कोलकाता प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या मामले को लेकर पांवटा साहिब में आक्रोश देखने को मिल रहा है। युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव अरिकेश जंग के नेतृत्व में बुधवार को पांवटा साहिब में युवाओं ने सड़कों पर उतर कर रोष मार्च निकाला।
सैकड़ों युवक-युवतियों ने सड़कों पर जमकर नारेबाजी की। कोलकाता मामले के आरोपियों को सख्त से सख्त सजा की मांग रखी है। एसडीएम पांवटा जीएस चीमा के माध्यम से राज्यपाल हिमाचल प्रदेश को ज्ञापन भेजा गया।
बुधवार को सिविल अस्पताल पांवटा साहिब परिसर में सैकड़ों महिलाएं व युवा एकत्रित हुए। युवा कांग्रेस नेता अरिकेश जंग के नेतृत्व में अस्पताल से मस्जिद गली, मुख्य बाजार, गीता भवन होकर लघु सचिवालय पांवटा तक धरना-प्रदर्शन कर रोष रैली निकाली गई। इस दौरान बिटिया हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं, हत्यारों को फांसी दो, मामले की उचित जांच हो व देश की बेटी को इंसाफ दो समेत युवाओं ने जमकर नारेबाजी की।
लघु सचिवालय में एसडीएम को ज्ञापन सौंपने के बाद युवा नेता अरिकेश जंग व प्रदीप चौहान ने कहा कि पश्चिम बंगाल के कोलकाता में अस्पताल परिसर में एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ दुष्कर्म व हत्या मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है। पीड़िता के परिवार को इंसाफ मिलना चाहिए। इसमें शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी व उनके कृत्य की सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। पांवटा में पैदल विरोध मार्च में हाथों में तख्तियां, बैनर लिए महिलाएं व पुरुष भी विरोध प्रदर्शन में शामिल रहे।
एसडीएम पांवटा साहिब गुंजीत सिंह चीमा ने पुष्टि की है। उन्होंंने कहा कि ज्ञापन प्रदेश के राज्यपाल तक पहुंचा दिया जाएगा।
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भगवान का रूप माने जाने वाले डॉक्टर भी सुरक्षित नहीं
- आक्रोश रैली मे शामिल रहे शुभम शर्मा, साक्षी, प्रिंस, दिनेश कुमार, नीलम व अंजली ने बताया कि आज, देश और समाज में भगवान का दूसरा रूप माने जाने वाले डॉक्टर भी सुरक्षित नहीं है। इस हत्याकांड से महिलाएं खुद को आहत व असुरक्षित महसूस कर रही हैं। केवल कैंडल मार्च निकाल कर न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती। कोलकाता मामले के बाद अब और सख्त कानून बनाने की जरूरत है।
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