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रेणुका झील के संरक्षण को कौन बढ़ाए कदम

Thu, 21 Apr 2016 08:18 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला ददाहू (सिरमौर)।
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ददाहू (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की प्रमुख रेणुका झील के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। विभिन्न विभाग इस एतिहासिक झील का जिम्मा संभाले हुए हैं लेकिन संरक्षण के नाम पर कोई एक रुपया खर्च करने को राजी नहीं। सफाई के अभाव में झील के सौंदर्य पर ग्रहण सा लग रहा है जिस कारण पर्यटकों को भी निराशा हाथ लग रही है।
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झील के अग्रिम और अंतिम भाग में गाद भरी हुई है, जहां सफाई की बेहद आवश्यकता है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यटन विभाग, वन्य प्राणी विभाग व जिला प्रशासन सहित रेणुका विकास बोर्ड झील का जिम्मा संभाले हुए हैं लेकिन किसी भी विभाग की ओर से आज तक झील की सफाई व संरक्षण को लेकर कदम नहीं उठाए गए। न ही कोई विभाग यहां के लिए धनराशि का प्रबंध कर पाया।
रेणुका विकास बोर्ड झील में नौकायन से बेहतर आय भी अर्जित कर रहा है। उस राशि को भी झील के रखरखाव पर खर्च नहीं किया जाता। रेणुका क्षेत्र से जुड़े नेताओं व अन प्रतिनिधियों के लिए झील के संरक्षण को बरकरार रखना एक कड़ी चुनौती है। सफाई को लेकर कोई भी विभाग आगे कदम नहीं बढ़ा रहा। वन्य प्राणी विभाग ने तो झील में टूटे पड़े सड़े गले वृक्षों को निकालने की जहमत नहीं उठाई। यह वृक्ष झील के पानी में सड़कर प्रदूषण पैदा कर रहे हैं।
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संरक्षण को उठाए जाएंगे कदम : सीपीएस
ददाहू (सिरमौर)। रेणुका के विधायक और सीपीएस विनय कुमार ने बताया कि रेणुका झील के संरक्षण को बरकरार रखने के लिए धन की कमी को आड़े नहीं आने दिया जाएगा। सभी विभाग के सहयोग व वैज्ञानिकों की राय से झील के सौंदर्यीकरण के प्रयास किए जाएंगे। जल्द ही इसके लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।

प्लान तैयार, बजट का इंतजार : डीएफओ
ददाहू (सिरमौर)। वन्य प्राणी विभाग के डीएफओ सतीश गुप्ता ने बताया कि रेणुका झील के संरक्षण व रखरखाव के लिए प्लान तैयार किया जा चुका है। बजट का प्रावधान होते ही झील से संबंधित कार्य किए जाएंगें। वह स्वयं रेणुका पहुंचकर झील का जायजा लेंगे और खामियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
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