सूखी पड़ी पाइप लाइन, पानी का हाहाकार
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संगड़ाह (सिरमौर)। विकास खंड संगड़ाह की ग्राम पंचायत संगड़ाह के ग्राम सिंयू व बाऊनल काकोग पंचायत के ग्राम बाऊनल में पेयजल किल्लत के चलते ग्रामीणों में पानी के लिए हाहाकार मचा है। ग्राम सिंयू व कांउवा के लिए करीब 30 वर्ष पूर्व बनी प्रवाह पेयजल योजना क्षतिग्रस्त होने के कारण बाधित पड़ी है जिस कारण प्रचंड गर्मी में ग्रामीणों के हलक सूख रहे हैं। ग्रामीणों को दूषित पेयजल पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। पेयजल की किल्लत से आंगनबाड़ी केंद्रों के नौनिहालों को भी दो-चार होना पड़ रहा है।
भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रताप सिंह तोमर, सतपाल सिंह, राम स्परूप, ब्रह्म दत्त शर्मा, बालकृष्ण, विद्यानंद, रूप सिंह, मुन्नु व लाजवंती आदि ने बताया कि गत दो सप्ताह से बाधित पेयजल योजना को देखते हुए ग्रामीणों ने एकत्रित होकर करीब 2 किमी लंबी क्षतिग्रस्त लाइन को ठीक किया जिसमें स्रोत की सफाई सफाई के अलावा टूटी पाइप लाइन को खड्ड के पाइप से लगाकर दुरुस्त किया तथा स्टोर टैंक तक पहुंचाया जिस कारण सोमवार को ग्रामीणों को पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी मिला। प्रताप सिंह तोमर ने बताया कि इस संदर्भ में कई बार संबंधित विभाग को सूचित किया गया लेकिन समस्या ज्यों कि त्यों बनी रही। विभाग द्वारा जवाब में कहा जाता है कि सोर्स में पानी सूख गया है। विभाग पाइप लाइनों का रखरखाव नहीं कर रहा। दो सप्ताह से किसी ने पाइपों की मरम्मत नहीं की जिस वजह से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने स्वयं एकत्रित होकर इस सराहनीय कार्य को अंजाम दिया। इसके अलावा बाऊनल काकोग पंचायत के ग्राम बाऊनल में भी पीने के पानी की कमी के चलते ग्रामीणों में त्राहि-त्राहि मची हुई है।
पूर्व पंचायत प्रधान निक्का राम शर्मा, सोम प्रकाश, घासी राम, दौलतराम, ईश्वर, बाबूराम, परमानंद आदि ने बताया कि 30 घरों वाले इस गांव में पिछले लंबे समय से पीने के पानी के लिए लोग जूझ रहे हैं। गांव में कभी-कभार ही पानी आता है। वो भी इतनी कम मात्रा में कि गांव के 8-10 घरों को ही उसकी आपूर्ति हो पाती है। अन्य लोगों को पीने की पानी की समस्या से बुरी तरह से जूझना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने विभाग से आग्रह किया है इस तपती गर्मी में उन्हें इस समस्या से उबारा जाए। इस संदर्भ में विभाग के एसडीओ रमेश चंद्र ने बताया कि प्रत्येक पंचायत में वाटर गार्ड रखे गए हैं जो कि लाइन को देखते हैं। स्टाफ की कमी है, बावजूद इसके लाइन को अविलंब ठीक करवाया जाएगा।
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