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Sirmour News: खतरे के निशान के ऊपर बह रही गिरि, यमुना नदी बेहद करीब

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गिरि नदी का जलस्तर बढऩे से जटोन बैराज के खोले फ्लड गेट। संवाद
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खतरे के निशान के ऊपर बह रही गिरि, यमुना नदी बेहद करीब
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ददाहू के जटोन, उत्तराखंड के आसन और इच्छाड़ी से छोड़ा पानी

तीन बैराजों से पानी छोड़े जाने से निचले क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा

संवाद न्यूज एजेंसी

ददाहू/पांवटा साहिब (सिरमौर)। मूसलाधार बारिश के बीच जिला सिरमौर की गिरि और यमुना नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। गिरि नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जबकि, पांवटा साहिब में यमुना नदी भी खतरे के निशान के बेहद करीब है।

गिरि नदी का जलस्तर बढ़ने से सोमवार को ददाहू के समीप जटोन बैराज के सभी 10 फ्लड गेट खोलने पड़े। इसके साथ-साथ उत्तराखंड के आसन बैराज और इच्छाड़ी से भी पानी छोड़ दिया है। इससे निचले इलाकों में भीषण बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।
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जानकारी के अनुसार जटोन बैराज में पानी की मात्रा 4053 क्यूमेक्स तक जा पहुंची। जबकि शतप्रतिशत 60 मेगावाट उत्पादन के लिए मात्र 47.06 क्यूमेक्स पानी की ही आवश्यकता होती है लेकिन गिरि नदी में पानी का स्तर 100 गुणा से भी अधिक रहा। इससे दूसरे दिन भी टरबाइन मशीनों के बंद रहने से उत्पादन पूरी तरह ठप रहा।

जटोन बैराज के कनिष्ठ अभियंता तुषार वत्स ने बताया कि गिरि नदी में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। इससे शनिवार देर शाम से ही दोनों टरबाइन मशीनों को बंद रखना पड़ा है।

उधर, पांवटा साहिब में यमुना नदी में पानी 383.52 मीटर चेतावनी स्तर तक पहुंचा गया है। रविवार रात को दो बजे उच्चतम जलस्तर आंका गया। चारों तरफ नदी नालों से घिरे पांवटा विधानसभा क्षेत्र की यमुना नदी, बाता, गरिनदी, नेड़ा खड्ड व टोंस समेत बरसाती नदी नाले सोमवार को भी पूरे उफान पर रहे। इससे यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के नजदीक (384.50 मीटर) बढ़ने लगा है।

बता देें कि वर्ष 1978 में यमुना नदी में बाढ़ आई थी। उस दौरान सर्वाधिक जलस्तर 385.25 रहा था।

उस वर्ष हरियाणा हथिनी कुंंड बैराज से एक साथ 2,24,390 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया था, जिससे दिल्ली में भी बाढ़ आ गई थी। केंद्रीय जल आयोग यमुना मंडल पांवटा साहिब की मानें तो यमुना नदी में 383.50 क्यूबिक मीटर जलस्तर को चेतावनी स्तर अंकित किया गया है। जबकि, 384.50 क्यूबिक मीटर खतरे के निशान से ऊपर माना जाता है। रविवार को पांवटा यमुनाघाट का जलस्तर 381.70 मीटर और रात दो बजे सर्वाधिक 383.52 मीटर पहुंच गया था। इसके चलते श्री राधाकृष्ण हनुमान मंदिर का मैदान तल जलमग्न हो गया। ऐसे में अगर बांधों से और पानी छोड़ा गया तो जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच सकता है।
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केंद्रीय जल आयोग यमुना मंडल पांवटा साहिब सिरमौर के कनिष्ठ अधिकारी विनोद कुमार ने कहा कि नदी में पानी चेतावनी स्तर तक पहुंच गया है। रविवार रात को ही इसकी सूचना उपायुक्त जिला सिरमौर नाहन को दे दी गई थी। आयोग जल स्तर व हालात पर निगाह रखे हुए हैं। संवाद

गिरि नदी का जलस्तर बढऩे से जटोन बैराज के खोले फ्लड गेट। संवाद

गिरि नदी का जलस्तर बढऩे से जटोन बैराज के खोले फ्लड गेट। संवाद

गिरि नदी का जलस्तर बढऩे से जटोन बैराज के खोले फ्लड गेट। संवाद

गिरि नदी का जलस्तर बढऩे से जटोन बैराज के खोले फ्लड गेट। संवाद

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