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Sirmour News: नाहन में बिजली के कटों पर भड़कीं पार्षद पूजा तोमर

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29 जून को लगे 15 घंटे लंबे शटडाउन पर कार्रवाई की मांग
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-लोगों को झेलनी पड़ी समस्या, नहीं उठाए फोन कॉल्स
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। जिला मुख्यालय नाहन में पिछले कई दिनों से जारी अघोषित बिजली कटौती और सुस्त विद्युत व्यवस्था को लेकर जन-आक्रोश गरमा गया है। नगर परिषद नाहन के वार्ड नंबर-4 की पार्षद पूजा तोमर ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर विद्युत बोर्ड की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से 29 जून 2026 को नाहन इतिहास के सबसे लंबे शटडाउन और विभाग की लापरवाही की उच्चस्तरीय जांच करवाकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।
पूजा तोमर ने बताया कि विद्युत बोर्ड ने सोमवार, 29 जून 2026 को सुबह 8:30 बजे से शाम 7:30 बजे तक (11 घंटे) का आधिकारिक शटडाउन घोषित किया था लेकिन विभाग के ढुलमुल रवैये के कारण बिजली रात लगभग 11 बजे बहाल हो पाई। यह नाहन शहर का अब तक का सबसे लंबा शटडाउन रहा, जिसने 15 से 16 घंटे तक पूरे शहर को अंधेरे के आगोश में धकेल दिया।
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पार्षद ने कहा कि आधी रात को बिजली आने के बाद भी जनता को राहत नहीं मिली। वोल्टेज इतना कम थी कि घरों में पंखे तक रेंग रहे थे। भीषण गर्मी और उमस के बीच एसी और कूलर चलना तो दूर की बात थी। उन्होंने कहा कि हल्की या मध्यम बारिश होते ही शहर में घंटों बिजली गुल होना अब आम बात हो गई है, जिससे जनता का जीना मुहाल हो गया है।
तोमर ने ग्राउंड जीरो की हकीकत बयां करते हुए विभाग के रवैये को संवेदनहीन बताया। उन्होंने कहा कि 15 घंटों तक पूरा शहर त्राहि-त्राहि कर रहा था, तब बोर्ड का आधिकारिक शिकायत नंबर काम नहीं कर रहा था। बिजली दफ्तर के अधिकांश कर्मचारियों और अधिकारियों ने जनता के फोन तक उठाना मुनासिब नहीं समझा। इस बिजली कट के कारण अस्पतालों में भर्ती मरीजों, मेडिकल इमरजेंसी सेवाओं, दुकानदारों, व्यापारियों, पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों और नाहन के बुजुर्गों को भीषण गर्मी में भारी मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
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पार्षद ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि बोर्ड इतने लंबे शटडाउन को व्यवस्थित ढंग से संभालने में सक्षम नहीं है, तो जनता को इस तरह प्रताड़ित करना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि भविष्य के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए ताकि ऐसी गंभीर लापरवाही दोबारा न दोहराई जाए।
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