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पाब स्कूल में ग्रामीणों ने जड़ा ताला

Sat, 03 Sep 2016 11:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,शिलाई (सिरमौर)
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शिलाई (सिरमौर)। शिक्षा खंड बकरास के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक पाठशाला पाब में शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों के भविष्य को देखते हुए अभिभावक चिंतित है। पिछले कई सालों से स्कूल में नियमित शिक्षक नहीं होने पर गुस्साए अभिभावकों ने शनिवार को स्कूल में ताला जड़ दिया। अभिभावकों ने डीसी को ज्ञापन भेजकर स्पष्ट कहा है कि 24 घंटे के भीतर स्कूल की स्थिति जांचें, अन्यथा वह आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
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पाब स्कूल में वर्ष 2008 से नियमित शिक्षक नहीं है। स्कूल के कुल 46 बच्चों का भविष्य महज एक शिक्षक के सहारे हैं। वह भी प्रतिनियुक्ति पर यहां तैनात किए गए हैं। स्कूल भवन भी जर्जर हो गया है जो बड़े हादसे का कारण बन सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती तब तक ताला नहीं खोला जाएगा। न ही वह अपने बच्चों को स्कूल भेजेंगे।
एसएमसी के अध्यक्ष दलीप सिंह, केदार सिंह, रघुवीर सिंह, थुडू राम, कमना राम, गुलाब सिंह, सुरेश कुमार, खजान सिंह, कल्याण सिंह, अमर सिंह, धनवीर सिंह, केदीया राम, वीर सिंह, शांति देवी, विद्या देवी, किरण देवी ने बताया कि नियमित शिक्षक नहीं होने से बच्चों को स्वर-व्यंजन तक का ज्ञान नहीं है। उन्हें गिनती तक ठीक से नहीं आती लेकिन शिक्षा विभाग और सरकार केवल आश्वासन ही दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1997 से वर्ष 2008 तक यहां जो अध्यापक थे वह भी स्कूल नहीं आए। अपने स्थान पर अन्य युवाओं को बच्चे पढ़ाने के लिए रखा गया था। विजिलेंस की जांच में भी इसका खुलासा हुआ था। इसके बाद भी शिक्षा विभाग ने यहां पर नियमित रूप से शिक्षक भेजने की जरूरत महसूस नहीं की।
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उन्होंने कहा कि स्कूल की मरम्मत के लिए विभाग हर साल पांच हजार रुपये की राशि मुहैया करवाता है, लेकिन इस स्कूल में तो सफेदी तक नहीं हुई है जो शिक्षा के अधिकार का हनन है। उन्होंने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की भी मांग की है।
उधर, वीपीईओ बकरास इंद्र राणा ने माना कि स्कूल में नियमित शिक्षक नहीं है। उन्होंने कहा कि जर्जर भवन की मरम्मत के लिए धनराशि आई हुई है। इसके लिए कदम उठाए जा रहे हैं। जबकि स्टाफ की कमी बारे आला अधिकारियों का समय-समय पर अवगत करवाया जाता रहा है।
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