15 दिन में सुधार नहीं हुआ तो सनौरा में चक्का जाम की चेतावनी
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य को भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
राजगढ़ (सिरमौर)। धमून-हाब्बन सड़क की दयनीय हालत को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। शिलांजी और थैना बसोतरी पंचायत के लोगों का प्रतिनिधिमंडल अधिशासी अभियंता से मिला और 15 दिनों के भीतर सड़क की दशा सुधारने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो उन्हें मजबूरन सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना पड़ेगा।
ग्रामीण गले में अपनी जमीन, गुड्स व पैसेंजर टैक्स का हिसाब मांगते, नहीं किसी से भीख मांगते जैसे बैनर डालकर अधिशासी अभियंता कार्यालय पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल सेवानिवृत्त थानेदार कमल शर्मा के नेतृत्व में मिला। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग के माध्यम से लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह को भी ज्ञापन भेजा।
पन में ग्रामीणों ने बताया कि धमून से हाब्बन सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग की ओर से वर्ष 1972 में किया गया था। साढ़े पांच दशक बीत जाने के बावजूद सड़क आज भी कच्ची है। विभाग 55 वर्षों में सड़क को पक्का नहीं कर पाया है। पिछली बरसात में हुई भारी बारिश के कारण सड़क की हालत और खराब हो गई है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन चुके हैं, जिससे कभी भी बस या अन्य वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बारिश के बाद सड़क पर गिरा मलबा भी अब तक नहीं हटाया गया है, जिसके कारण कई स्थानों पर सड़क बेहद संकरी हो गई है। सड़क के रखरखाव के लिए तैनात तीन-चार मल्टी टास्क वर्करों को भी कसार मार्ग पर भेज दिया गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि हाब्बन उपमंडल में पिछले दो वर्षों से कोई स्थायी सहायक अभियंता तैनात नहीं है, जबकि कनिष्ठ अभियंता का एक पद रिक्त है। इसके बावजूद सड़क का जिम्मा उपमंडल डिलमन से हटाकर हाब्बन को सौंप दिया है।
सड़क की मरम्मत के लिए बजट उपलब्ध होने पर ही काम किया जा सकेगा। मल्टी टास्क वर्करों को अन्य स्थान पर भेजा गया था, जहां कार्य पूरा हो चुका है। जल्द ही उन्हें वापस इस सड़क पर तैनात किया जाएगा।
-पवन गर्ग, अधिशासी अभियंता, राजगढ़