-अश्विन नवरात्र मेले के लिए मां के दरबार में तैयारियां पूरी, फूलों और रंग-बिरंगी लड़ियों से सजा मंदिर
400 सुरक्षाकर्मी संभालेंगे मोर्चा, 150 सीसीटीवी कैमरों से रहेगी निगरानी, नारियल चढ़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध
संजय गुप्ता
कालाअंब (सिरमौर)। मां के जयकारे, भक्ति में लीन श्रद्धालु और भक्तिमय माहौल रविवार को जिलेभर के मंदिरों में देखने को मिलेगा। महामाया बाला सुंदरी मंदिर त्रिलोकपुर में अश्विन नवरात्र मेले के साथ ऐसा ही भक्तिमय नजारा देखा जाएगा। उत्तर भारत के प्रसिद्ध मंदिरों में शुमार माता बाला सुंदरी के दरबार में नवरात्र के दौरान हजारों श्रद्धालु शीश नवाकर सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। मां के स्वागत के लिए मंदिर को फूलों और रंग-बिरंगी लड़ियों से सजाया गया है। मंदिर न्यास समिति ने मेले की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगम दर्शन और सुरक्षा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
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सुबह चार बजे मुख्य आरती के बाद खुलेंगे कपाट
माता बालासुंदरी मंदिर न्यास समिति त्रिलोकपुर के उपाध्यक्ष एवं एसडीएम नाहन राजीव सांख्यान ने बताया कि अश्विन नवरात्र मेले के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। नियमानुसार मंदिर के कपाट सुबह चार बजे मुख्य आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। हालांकि, भक्तों की भीड़ को देखते हुए कपाट खोलने के समय में बदलाव किया जा सकता है। श्रद्धालुओं को मंदिर में नारियल चढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। मां के चरणों में सूखा प्रसाद अर्पित किया जा सकेगा। भक्त नकद भेंट के साथ क्यूआर कोड के माध्यम से भी अपनी श्रद्धा अर्पित कर सकेंगे।
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मां के दरबार में व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए मेला क्षेत्र को चार सेक्टर में बांटा गया है। सुरक्षा व्यवस्था की कमान करीब 400 सुरक्षाकर्मियों के हाथों में रहेगी। इनमें लगभग 300 पुलिस व होमगार्ड जवान और 100 निजी सुरक्षा कर्मी शामिल हैं। मेला क्षेत्र में करीब 150 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। इसके अलावा संदिग्ध गतिविधियों और हुड़दंग करने वालों पर नजर रखने के लिए पुलिस के पुरुष और महिला जवान सादी वर्दी में भी तैनात रहेंगे।
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स्वच्छता से लेकर भंडारों तक के लिए तय किए नियम
मां के दरबार और मेला परिसर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए 80 निजी सफाई कर्मचारी तैनात किए गए हैं। श्रद्धालुओं को अपने वाहन निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करने होंगे। वहीं, भंडारों के आयोजन की अनुमति भी केवल निर्धारित स्थलों पर होगी। माता बाला सुंदरी मंदिर में पूजा-अर्चना का दायित्व भक्त लाला रामदास के वंशज निभाएंगे।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार ने बताया कि नवरात्र मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। मेला क्षेत्र के चप्पे-चप्पे पर पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की नजर रहेगी, ताकि मां के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
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