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Sirmour News: त्रिलोकपुर स्कूल का जर्जर भवन बना खतरा, वैकल्पिक भवन में कक्षाएं लगाने की मांग

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त्रिलोकरपुर स्कूल की छत्त से झड़ रहा प्लास्टर। संवाद
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सचित्र
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संवाद न्यूज एजेंसी

कालाअंब (सिरमौर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय त्रिलोकपुर के जर्जर भवन में कक्षाएं संचालित करना विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गया है। भवन की खराब हालत को लेकर एसएमसी पदाधिकारियों और अभिभावकों ने जिला उपायुक्त प्रियंका वर्मा से मुलाकात की और विद्यालय में कक्षाएं लगाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की।

एसएमसी प्रधान पवन भारद्वाज समेत बिंदु देवी, याद राम, बलदेव सिंह, रुमाली देवी, रजनी और रीना ने उपायुक्त को सौंपे ज्ञापन में बताया कि विद्यालय का भवन वर्ष 1960 में बनाया गया था। छह दशक से अधिक पुराने इस भवन की हालत अब जर्जर हो चुकी है। भवन में कई जगह प्लास्टर उखड़ गया है, दीवारों में दरारें आ गई हैं और छत की सीलिंग का प्लास्टर भी झड़ रहा है।
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अभिभावकों का कहना है कि भवन की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यहां विद्यार्थियों को बैठाकर कक्षाएं संचालित करना सुरक्षित नहीं है। विद्यालय में छठी से बारहवीं कक्षा तक करीब 300 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए भवन की मरम्मत या पुनर्निर्माण होने तक वैकल्पिक व्यवस्था करना जरूरी है।

-बाक्स

मंदिर न्यास के यात्री निवास में कक्षाएं लगाने का सुझाव

एसएमसी पदाधिकारियों और अभिभावकों ने मांग की कि जब तक विद्यालय भवन को कक्षाएं लगाने योग्य नहीं बनाया जाता, तब तक विद्यालय परिसर से सटे मंदिर न्यास समिति के यात्री निवास भवन में कक्षाएं संचालित करने की अनुमति दी जाए। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी और उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी।

बताया गया कि आश्विन मास नवरात्र मेले की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करने के लिए उपायुक्त प्रियंका वर्मा त्रिलोकपुर पहुंची थीं। इसी दौरान एसएमसी पदाधिकारियों और अभिभावकों ने उनसे मुलाकात कर विद्यालय भवन की समस्या उनके समक्ष रखी।
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ग्राम सभा में भी उठ चुका है मुद्दा

विद्यालय भवन की जर्जर हालत का मुद्दा इससे पहले पांच जुलाई को ग्राम पंचायत त्रिलोकपुर की ग्राम सभा में भी उठाया गया था। ग्राम सभा में विद्यालय भवन के पुनर्निर्माण के लिए संबंधित विभाग को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया था। अब अभिभावकों ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए भवन के पुनर्निर्माण तक तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है।-

त्रिलोकरपुर स्कूल की छत्त से झड़ रहा प्लास्टर। संवाद

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