सराहां (सिरमौर)। कोरोना संकट के बीच शनिवार को सराहां में वामन भगवान को समर्पित वामन द्वादशी मेले का आयोजन किया गया। सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए इस पर्व की परंपराएं निभाई गई। भगवान वामन की शोभायात्रा के साथ ही सराहां के ऐतिहासिक तालाब में भगवान को नौका विहार करवाया गया। तीन दिनों तक चलने वाला यह उत्सव इस बार कोरोना संकट के कारण स्थगित किया गया है। देव परंपरा निर्वहन सादे अंदाज में किया गया। न बैंडबाजे की व्यवस्था की गई और न ही दुकानें सजाई गईं। इस बार दंगल का भी आयोजन नहीं किया गया
पच्छाद क्षेत्र के सराहां में मनाया जाने वाला राज्य स्तरीय वामन द्वादशी मेला सूक्ष्म रूप से मनाया गया। मेले का शुभारंभ एसडीएम पच्छाद सोनाक्षी सिंह तोमर ने किया। उन्होंने मंदिर में जा कर पूजा अर्चना की व भगवान की पालकी को हाथ लगाकर मेले शुरुआत की। उसके बाद राम मंदिर से ऐतिहासिक तालाब तक भगवान की पालकी की झांकी भी निकाली गई। इस शोभायात्रा में अधिक लोग शरीक नहीं हो सके। जबकि हर साल धूम धड़ाके के साथ यह शोभायात्रा निकाली जाती है। सराहां के ऐतिहासिक तालाब में भगवान की पालना को नौका विहार भी करवाया गया। इस मौके पर सराहां तालाब के पास हलवा बांटा गया। एसडीएम पच्छाद सोनाक्षी सिंह तोमर ने कहा कि मेले हमारी संस्कृति है। राज्य स्तरीय वामन द्वादशी के अवसर पर वामन भगवान व शिरगुल महाराज समेत सभी देवी देवताओं के दर्शन करने का भी मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि इस बार कोरोना महामारी के कारण मेले को अति सूक्ष्म रूप से मनाया गया। मेले को देव पूजा के साथ शुरू किया गया। वहीं राम मंदिर से ऐतिहासिक तालाब तक पालकी के साथ जयकारों के साथ शोभायात्रा भी निकाली गई। जिसमें चंद लोग ही मौजूद रहे। इसके अलावा ऐतिहासिक तालाब में भगवान के पालनों को नौका विहार करवाया गया। गौरतलब है कि राज्य स्तरीय वामन द्वादशी मेला आधिकारिक रूप से तीन दिनों तक मनाया जाता है। इस दौरान पहले दिन भगवान की पालनों का नौका विहार, शोभायात्रा समेत कई रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत होते थे। वहीं, दूसरे दिन ऐतिहासिक मेले में जहां विशाल दंगल का आयोजन होता था। विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी व सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते थे। इसके अलावा खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाता था। लेकिन, इस बार महामारी के कारण कुछ भी नहीं हो पा रहा है। इस मौके पर विनोद अग्रवाल, सुशील गर्ग, भूपेंद्र भंडारी, पंडित वीरेश मैत्रेय, वीरेश शर्मा व कुनाल गर्ग समेत कई लोग मौजूद थे।