3.51 लाख देने का किया एलान
निर्विरोध प्रधान बनाने के लिए पंचायत के ग्रामीणों ने 6 महीने तक किया था इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। जिला की दुर्गम पंचायत कांटी मश्वा के प्रधान काहन सिंह कंवर ने पांच वर्षों में मिले मानदेय को पंचायत के विकास और शिक्षण संस्थानों पर खर्च करने का निर्णय लिया है।
प्रधान ने ये ऐलान एक कार्यक्रम में किया। उन्हें अब तक तीन लाख इक्यावन हजार रुपये तनख्वाह के तौर पर मिले हैं। इसमें से भगवान परशुराम और ठारी माता मंदिर निर्माण के लिए 51 हजार, पंचायत की छह राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं को 21-21 हजार, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कांटी मश्वा के लिए 51 हजार, मश्वा सामुदायिक भवन निर्माण कार्य के लिए 51 हजार, सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को 21 हजार रुपये तथा भगवान परशुराम नवयुवक मंडल को 51 हजार रुपये दिए हैं। उन्होंने कहा कि शेष बचे कार्यकाल में जो भी मानदेय मिलेगा, उसे भी पंचायत के विकास कार्यों व शिक्षण संस्थानों में खर्च करेंगे।
निर्विरोध प्रधान बनाने को छह माह किया था इंतजार
नवयुवक मंडल मश्वा के अध्यक्ष अजय कंवर ने बताया कि वर्ष 2020 में पंचायत चुनाव के दौरान कांटी मश्वा पंचायत के लोगों ने काहन सिंह कंवर को प्रधान बनाने के लिए छह महीने तक इंतजार किया था। चुनाव के समय मतदाता सूची में काहन सिंह कंवर का नाम नहीं था। ग्रामीणों की एकजुटता देखिए, सर्वसम्मति से निर्विरोध प्रधान पद भरने को किसी ने भी नामांकन पत्र नहीं भरा। छह महीने बाद पंचायत के लोगों ने काहन सिंह कंवर को सर्वसम्मति से पंचायत प्रधान बनाया था। लोग कहते हैं कि उनका यह निर्णय सही रहा।
जिले में 31 पंचायत प्रतिनिधियों पर हो चुकी कार्रवाई
जिले में अब तक 31 पंचायत प्रतिनिधियों पर अनियमितताओं के चलते कार्रवाई की गई है। इसमें शिलाई विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक 19 मामले, श्री रेणुकाजी में पांच, नाहन में चार, पच्छाद में दो व पांवटा साहिब में एक मामले में कार्रवाई की गई।