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Sirmour News: 2014 में तैयार हुआ मसौदा, अब तक नहीं बना ट्रांसपोर्ट नगर

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आपका मुद्दा) - सतीश गोयल,
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लंबे समय से उठ रही मांग, कुंजा मतरालियों में 48 बीघा भूमि की है चिह्नित
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भारी वाहनों की बढ़ती संख्या से शहर पर बढ़ रहा दबाव
एनएच किनारे अव्यवस्थित पार्किंग से लोग परेशान
व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों ने योजना को बताया जरूरी
आधुनिक सुविधाओं से यातायात व्यवस्था सुधरने की उम्मीद
ट्रांसपोर्ट नगर बनने से जाम और प्रदूषण से मिलेगी राहत
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। उपमंडल पांवटा साहिब में आधुनिक ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने की मांग लंबे समय से उठती रही है। दो पड़ोसी राज्यों से जुड़े सीमांत शहर होने के कारण यहां हजारों वाहनों का आवागमन रहता है। स्थानीय ट्रक, ऑटो और टैंपो यूनियनों में भी हजारों छोटे-बड़े वाहन पंजीकृत हैं।
वर्ष 2014 में प्रशासन ने हिमाचल चैंबर ऑफ कॉमर्स की पांवटा इकाई की मांग पर ट्रांसपोर्ट नगर का प्रस्ताव सरकार को भेजा था। इसके लिए कुंजा मतरालियों में करीब 48 बीघा भूमि चिह्नित की गई थी। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को इस योजना को प्राथमिकता देकर आगे बढ़ाना चाहिए, ताकि पांवटा साहिब में आधुनिक ट्रांसपोर्ट नगर का सपना साकार हो सके।
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गौरतलब है कि देहरादून-पांवटा साहिब एनएच-07, बद्रीपुर-तारुवाला-शिलाई एनएच-707 और यमुनानगर-पांवटा साहिब एनएच-907 स्थानीय क्षेत्र से होकर गुजरते हैं। इनमें से दो राष्ट्रीय राजमार्गों को फोरलेन बनाए जाने के बाद शहर में पार्किंग और यातायात की समस्या और अधिक बढ़ गई है। लोगों और व्यापारिक संगठनों का मानना है कि शहर से अलग ट्रांसपोर्ट नगर बनने से जाम, भारी वाहनों के शोर और प्रदूषण की समस्या से राहत मिलेगी। साथ ही भारी वाहनों के लिए सुनियोजित पार्किंग और परिवहन से जुड़ी सुविधाएं भी विकसित हो सकेंगी।
उद्योगपतियों और ट्रांसपोर्टरों की मांग पर तत्कालीन एसडीएम श्रवण कुमार मांटा ने वर्ष 2014 में इसका मसौदा तैयार कर सरकार को भेजा था। एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी योजना सिरे नहीं चढ़ सकी।
-सतीश गोयल, अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स
तीव्र विकास के साथ हमें बेहतर भावी सोच रखनी होगी। इसी उदेश्य से आधुनिक ट्रांसपोर्ट नगर योजना को समय रहते सिरे चढ़ाना जरूरी है। एनएच के किनारे वाहनों की भीड़भाड़ और पार्किंग से दिक्कतें दूर हो सकेंगी। पांवटा में सैकड़ों छोटी-बड़ी फैक्टरियां हैं। इस योजना के बनने से हजारों माल ढुलाई वाले छोटे-बड़े भारी वाहनों को सुविधाएं मिल सकेंगी।
-नवीन अग्रवाल, महासचिव, हिमाचल प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स

योजना अब तक नहीं बन पाने से उद्यमी, व्यापारी एवं ट्रांसपोर्टरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार और परिवहन विभाग योजना को प्राथमिकता पर रख कर काम करें। इससे हजारों भारी वाहनों को एक अलग व बेहतर स्थल उपलब्ध हो सकेगा।
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- बलजीत सिंह नागरा, पूर्व अध्यक्ष सिरमौर ट्रक ऑपरेटर यूनियन
गोंदपुर, धौलाकुआं, बातामंडी, राजबन, रामपुरघाट व सूरजपुर में स्थित सैकड़ों छोटी-बड़ी फैक्टरियों का माल देश के कोने-कोने में पहुंचता हैं। पांवटा में ट्रांसपोर्ट नगर बनाने से पार्किंग की सहूलियत के साथ जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
- मदन मोहन शर्मा, अध्यक्ष क्रशर संघ जिला सिरमौर
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