-वार्ड, ओपीडी और प्रयोगशाला और सफाई व्यवस्था का निरीक्षण
-तीन सदस्यीय टीम ने अस्पताल का किया राज्य स्तरीय मूल्यांकन
-अस्पताल में पाई गई कमियों को दूर करने के टीम ने दिए सुझाव
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। डाॅ. यशवंत सिंह परमार राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं अस्पताल में कायाकल्प योजना के अंतर्गत मंगलवार को स्वास्थ्य सेवाएं और सुविधाएं जांची गई। राज्य स्तरीय तीन सदस्यीय टीम ने निरीक्षण कर मापदंडों के आधार पर अस्पताल की व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया।
टीम ने अस्पताल के सभी विभागों का दौरा कर रोगी सेवाओं की गुणवत्ता का परीक्षण किया। मूल्यांकन के दौरान अस्पताल में सुविधा, रखरखाव, स्वच्छता व्यवस्था, बायो-मेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन, संक्रमण नियंत्रण, सहायक सेवाएं, स्वच्छता संवर्धन गतिविधियां, अस्पताल परिसर के बाहर की साफ-सफाई और पर्यावरण अनुकूल पहल जैसे बिंदुओं पर विशेष रूप से निरीक्षण किया गया।
टीम में आईजीएमसी शिमला के अस्पताल प्रशासक डॉ. सतीश कंवर, एसपीओ प्रभाव परियोजना डॉ. अनीता चौहान और डॉ. चेतन मोदगिल मेडिकल ऑफिसर सीएचसी बसदेहरा, ऊना शामिल रहे। मूल्यांकन टीम ने विभिन्न वार्डों, ओपीडी, आपातकालीन कक्ष, लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर, प्रयोगशाला और अन्य इकाइयों का बारीकी से निरीक्षण किया। साथ ही दस्तावेजों का सत्यापन करने के साथ-साथ साफ-सफाई और संक्रमण नियंत्रण से संबंधित व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की।
निरीक्षण के बाद टीम ने अस्पताल प्रबंधन को योजना बद्ध तरीके से पाई गई कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक सुझाव दिए। साथ ही स्वच्छता मानकों को और अधिक सुदृढ़ बनाने और रोगियों को बेहतर एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास करने पर बल दिया। इस मौके पर मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रेणु चौहान, नोडल अधिकारी डॉ. संजय, नर्सिंग अधीक्षक, मैट्रन, वार्ड सिस्टर व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
दरअसल, स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता और बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार की ओर से कायाकल्प योजना चलाई जा रही है। इसके तहत अव्वल रहने वाले स्वास्थ्य संस्थानों को नकद राशि दी जाती है। इस राशि का अधिकतर हिस्सा स्वास्थ्य संस्थान के विकास पर खर्च किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज नाहन जिले का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संस्थान है। ऐसे में यहां पर व्यवस्थाओं का चाक चौबंद रहना कई मायनों में महत्वपूर्ण हो जाता है।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रेणु चौहान पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि कायाकल्प योजना के मानकों के अनुरूप अस्पताल में सुधार के लिए कदम निरंतर उठाए जा रहे हैं। मूल्यांकन टीम और से दिए गए सुझावों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन का उद्देश्य रोगियों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करवाना है। संवाद
मेडिकल कॉलेज में कायाकल्प की मूल्यांकन टीम व कॉलेज स्टाफ। संवाद