पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा में मेक इन इंडिया चुनौतियां और संभावनाएं राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन हुआ। दिवंगत प्रो. श्याम प्रसाद शर्मा की पत्नी बृजमोहिनी शर्मा, उनके पुत्र शिवेंद्र शर्मा व रामानुजन शर्मा राष्ट्रीय स्तर गोष्ठी समापन कार्यक्रम के विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। राष्ट्रीय सेमिनार भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद्, मानव संसाधन मंत्रालय, भारत सरकार व पांवटा कॉलेज के संयुक्त तत्वाधान से करवाया गया।
संगोष्ठी में मुख्य अतिथि अतिरिक्त निदेशक उच्च शिक्षा, हिमाचल प्रदेश डॉ. अमर देव ने नीति निर्माण में आने वाली विभिन्न कठिनाइयों पर चर्चा की। भौतिकतावाद के युग में भी भारत ने ह्यूमन हैप्पीनेस इंडेक्स में उच्च स्तर प्राप्त किया है। प्रदेश में भी इस स्तर की संगोष्ठी का प्रारंभ किया है। विशिष्ट अतिथि प्राचार्य नाहन कॉलेज डॉ. दिनेश भारद्वाज ने कहा कि कोई आयात की हुई विदेशी वस्तु बाजार में उपलब्ध होती है, तो हम देसी मेड इन इंडिया वस्तु की अपेक्षा की शिकार होती है। चाहे स्वदेशी समाना विदेशी वस्तु से बेहतर व सस्ता ही क्यों न मिले। ऐसी मानसिकता मेक इन इंडिया जैसे योजना की सफलता में बाधा है।
कुरुक्षेत्र विवि के डीन ऑफ़ कॉलेज प्रो. मदन मोहन गोयल ने कहा कि मेक इन इंडिया योजना भ्रष्टाचार के होते हुए कोई चमत्कार नहीं कर सकती। विदेशी निवेश की आवश्यकता पर भी कटाक्ष किया। भारत इतना शक्तिशाली है कि आयात पर निर्भरता की आवश्यकता नहीं है। प्रो. बलविंदर सिंह टिवाना, निदेशक, दक्षिण पश्चिम एशिया अध्ययन केंद्र, पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला ने मौजूदा केंद्र सरकार की मेक इन इंडिया स्कीम गरीबों के पक्ष में न होकर केवल उद्योगों के पक्ष में है। अधिकतर विदेशी कंपनियों के हितों का ध्यान रखा गया है।
संगोष्ठी आयोजन राजकीय महाविद्यालय पांवटा साहिब प्राचार्य डॉ. किरण वीर सिंह के संरक्षण हिप्र. विश्वविद्यालय अर्थशास्त्र विभाग की पूर्व अध्यक्षा प्रोफेसर मीनाक्षी सूदन के सह संरक्षण व आयोजन समन्वयक प्रो. नलिन रमौल, आयोजक सचिव के रूप में हिमाचल प्रदेश राजकीय प्राध्यापक संघ के उपाध्यक्ष प्रो. सुरेंद्र सिंह, राजकीय महाविद्यालय नाहन के डॉ. विवेक नेगी तथा प्रो. पूजा कश्यप रहे। संगोष्ठी के शोध पत्रों, आलेखों तथा विचार-विमर्श के निष्कर्षों की एक रिपोर्ट भारत सरकार को प्रेषित की जाएगी। आयोजन समिति में पांवटा कॉलेज डॉ. जाहिद अली मालिक, प्रो. यशपाल तोमर, प्रो. सीमा त्यागी व नजाकत अली मौजूद रहे।
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- इन्होंने रखे गोष्ठी मेें विचार
संगोष्ठी में अर्थशास्त्र विभाग, पंजाबी यूनिवर्सिटी रीजनल सेंटर, भटिंडा के प्रो. आरके महाजन, पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला से डॉ. सरबजीत सिंह, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ के पूर्व प्रोफेसर डॉ. गोपाल अय्यर, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ फॉरेन ट्रेड नई दिल्ली से डॉ. प्रलोक गुप्ता, दून विश्वविद्यालय देहरादून से डॉ. सुधांशु जोशी व हिप्र. चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री पांवटा अध्यक्ष सतीश गोयल, नेशनल काउंसिल ऑफ़ एप्लाइड इकनोमिक रिसर्च दिल्ली के प्रो. देवेंद्र प्रताप ने विचार रखे।
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