लंबे समय से बीमार मरीजों को हो रही परेशानी
मुख्यमंत्री के इलाज के लिए चंदा इकट्ठा किया जा रहा इकट्ठा
जल्द समाधान निकालने की गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। प्रदेश के निजी अस्पतालों में हिमकेयर योजना से रोगियों का इलाज बंद होने के बाद दीर्घकालीन (क्रॉनिक) मरीजों में रोष है। जिला में क्रॉनिक मरीज अनोखे ढंग से सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। रोगियों द्वारा मुख्यमंत्री की बीमारी को लेकर घर-घर जाकर चंदा एकत्रित किया जा रहा है।
मरीजों का कहना है कि जब तक निजी अस्पतालों में हिमकेयर योजना के तहत इलाज शुरू नहीं होता तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि जो चंदा एकत्रित होगा उसे राज्यपाल के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा।
इससे पहले सिरमौर प्रेस क्लब में हुई पत्रकारवार्ता में सामाजिक कार्यकर्ता नाथूराम समेत कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे क्रॉनिक रोगी संगड़ाह के कुश, नाहन की संगीता देवी, धर्मवीर, श्री रेणुका जी की आशा देवी, नाहन के गोबिंदगढ़ निवासी मंगल सिंह, शंभूवाला निवासी सुमेर ने बताया कि सरकार द्वारा भुगतान न किए जाने के बाद निजी अस्पतालों ने एक फरवरी से हिमकेयर योजना के तहत इलाज बंद कर दिया है। इसके चलते प्रदेश के साथ साथ जिला सिरमौर में भी रोगियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि यहां सबसे अधिक समस्या दीर्घकालीन (क्रॉनिक) बीमारियों से संबंधित मरीजों को झेलनी पड़ रही है। उन्हें जिंदगी और मौत के बीच लड़ना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि एक तरफ सरकार और अधिकारी कहते हैं कि मेडिकल काॅलेज सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में भी सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन यहां सुविधाओं की हालत यह है कि बिजली कट लग जाए तो बीच में डायलिसिस रुक जाता है। रोगी ज्यादा होने पर ऑक्सीजन सहित कई सुविधाएं उपलब्ध नहीं होतीं। उन्होंने सरकार से जल्द हिमकेयर की सुविधा निजी अस्पतालों में शुरू करने की मांग की।