पच्छाद क्षेत्र के अतंर्गत आने वाली जामन की सेर में स्थित आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी को इन दिनों एक चर्तुथ श्रेणी कर्मचारी चला रहा है। डिस्पेंसरी में एक भी चिकित्सक व अन्य स्टाफ नहीं होने से प्रदेश सरकार व विभाग की ओर से जनता को दी जाने वाली सुविधाओं की पोल खुल रही है। डिस्पेंसरी में चिकित्सक नहीं होने से लोग चतुर्थ श्रेणी कर्मी से दवा लेने व उपचार कराने में हिचक रहे हैं। इससे मरीजों व तीमारदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डिस्पेंसरी में रखी दवाएं व अन्य उपकरण मात्र शोपीस बने हैं। सरकारी नियमों की मानें, तो यहां एक चिकित्सक व फार्मासिस्ट के पद सृजित हैं। मगर कोई जनता के लिए उपलब्ध नहीं है। स्थानीय उपप्रधान राजेंद्र शर्मा, निवासी राजेश ठाकुर, रमेश कुमार, दाता राम शर्मा आदि ने मांग की है कि जल्द डिस्पेंसरी में स्टाफ तैनात किया जाए। प्रदेश भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष व जामन की सेर पंचायत प्रधान बलदेव भंडारी की मानें, तो प्रदेश सरकार में पहुंच रखने वाले क्षेत्र के कांग्रेसी नेता भी जामन की सेर के ग्रामीणों की सुविधा के लिए कोई कदम नहीं उठा रहे। स्थानीय कांग्रेसी नेता व प्रदेश सरकार क्षेत्र के लोगों के साथ भेदभाव कर रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि जामन की सेर डिस्पेंसरी में रिक्त पड़े पदों को जनता की सुविधा के लिए फौरन भरा जाए।