नघेता (सिरमौर)। बैलेट पेपर पर मतदान करने की सुविधा से आंजभोज की आधा दर्जन पंचायतों के बुजुर्गों और दिव्यांगों को वंचित रहना पड़ा। नतीजतन कई बुजुर्ग शनिवार को पैदल सफर तय कर अपने-अपने पोलिंग बूथों पर मतदान के लिए पहुंचे, जहां वरिष्ठ नागरिकों समेत दिव्यांगों ने लोकतंत्र के महापर्व में अपनी आहुति दी।
जानकारी के मुताबिक आंजभोज क्षेत्र की 11 पंचायतों में से तीन-चार में ही बैलेट पेपर पर घर बैठे मतदान की सुविधा मिल पाई। अंबोया पंचायत के 102 वर्षीय कुंदन सिंह, 90 वर्षीय श्यामलाल, 85 साल की पुन्नी देवी और किशोरी लाल शर्मा ने बताया कि उन्होंने फॉर्म अवश्य भरा था लेकिन वो फार्म कहां गए। कुछ पता नहीं है।
इसके अलावा कंडेला अदवाड़ पंचायत के 98 वर्षीय शोभाराम, दिव्यांग बलवीर सिंह, टौरुं डांडा के 90 वर्षीय प्रीतम सिंह, 91 वर्षीय नैन सिंह, भरली आगरों पंचायत की धूड़ी देवी और दिव्यांग शीतल ने शनिवार को अपने नजदीकी पोलिंग बूथों पर वोट डाले। बताया जा रहा है कि कुछ पंचायतों में संबंधित अधिकारी पहुंचे ही नहीं थे। कई पंचायतों से फॉर्म तब पहुंचे जब इसकी अवधि खत्म हो गई थी।
बीते दिनों बैलेट पेपर के माध्यम से अमल में लाई गई मतदान प्रक्रिया में बनौर पंचायत में 108 वर्षीय धुडूराम, 102 वर्षीय कांशीराम, 82 साल की जनो देवी, दिव्यांग सपना, नघेता पंचायत के 88 वर्षीय मनीराम, उनकी पत्नी भिल्ला देवी, दिव्यांग बलवीर शर्मा व शैलो देवी को घर पर ही मताधिकार की सुविधा मिली।
उधर, एसडीएम पांवटा साहिब विवेक महाजन ने बताया कि हर पंचायत में यह सुविधा उपलब्ध करवाई गई थी। जिन लोगों ने हामी भरी उन्हें ये सुविधा भी मिली। कुछ लोगों ने मतदान केंद्रों में जाकर मतदान करने की इच्छा जताई थी।
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