पांवटा साहिब (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश के अस्पतालों में वरिष्ठ चिकित्सक सुबह 9:30 बजे से 11:00 बजे तक डेढ़ घंटे की पेन डाउन हड़ताल पर रहे। इस बीच मरीजों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। हालांकि, आपातकालीन सेवाएं इस बीच जारी रखीं गईं।
हड़ताल पर रहे चिकित्सकों ने कहा कि स्वास्थ्य निदेशक की सेवानिवृत्ति के बाद भी इस पद को नहीं भरा गया है। इस पद को संयुक्त निदेशकों में से किसी एक को पदोन्नति देकर भरा जाए। चिकित्सक के प्रशासनिक पदों पर सेवा विस्तार न करने के साथ अनुबंध पर चयनित चिकित्सकों के ग्रेड पे अदा करने की मांग भी काफी समय से की जा रही है।
शुक्रवार को हड़ताल में शामिल रहे सिविल अस्पताल प्रभारी डॉ. अमिताभ जैन, सुधी गुप्ता,
डॉ. चंदर मल्होत्रा, डॉ. एवी राघव, डॉ. संजीव गुप्ता, डॉ. कमाल पाशा, डॉ. तपेंद्र ठाकुर, डॉ. राजीव चौहान, डॉ. पीयूष तिवारी, मीनाक्षी, डॉ. हरीश, डॉ. तुषार, डॉ. मोनीषा, रिचा व डॉ. प्रियंका समेत चिकित्सा अधिकारी संघ के सदस्यों ने कहा कि प्रदेश संघ के आह्वान पर शुक्रवार और शनिवार को डेढ़ घंटे की पेन डाउन हड़ताल हो रही है।
प्रमुख मांगों के अलावा भी नए वेतन आयोग में चिकित्सकों को 4-9-14 को टाइम स्केल बहाल करना, विशेषज्ञ स्नातकोत्तर चिकित्सकों के भत्ते की राशि को बढ़ाना, मेडिकल कॉलेजों में सेवाएं दे रहे फैकल्टी सदस्यों को भी अकादमिक भत्ता देना व अन्य मांगें भी शामिल हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बीते फरवरी माह में चिकित्सकों ने अपनी मांगों को लेकर संघर्ष किया था। उसके बाद गठित की गई कमेटी के कोई भी ठोस परिणाम सामने नहीं आए हैं।
ऐसे में परिणामस्वरूप चिकित्सकों को मजबूरन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है। सिविल अस्पताल प्रभारी डॉ. अमिताभ जैन ने कहा कि पेन डाउन हड़ताल के दौरान आपातकालीन सेवाएं जारी रहीं।