नाहन (सिरमौर)। जिला मुख्यालय नाहन में 43 डिफाल्टरों ने वर्ष 2001 से नगर परिषद के पास गृहकर जमा नहीं करवाया है। हैरानी की बड़ी बात यह है कि करीब 21 सालों से इन डिफाल्टरों ने नगर परिषद के पास गृहकर के नाम पर एक फूटी कौड़ी तक जमा नहीं करवाई। अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इन डिफाल्टरों पर इतनी मेहरबानी क्यों? या तो ऊंची पहुंच के चलते इन पर राजनीतिक आकाओं की मेहरबानी है या फिर नगर परिषद प्रशासन इनसे वसूली करने में नाकाम साबित हो रहा है।
दरअसल नगर परिषद की 1.68 करोड़ रुपये की गृहकर राशि शहर के गृहकर दाताओं के पास लंबित है। यह आंकड़ा 30 मार्च 2022 तक का है। हालांकि लंबित गृहकर दाताओं की सूची लंबी है लेकिन इनमें रोचक पहलू 43 डिफाल्टरों का ही है। मोटे अनुमान के मुताबिक ये डिफाल्टर ही नगर परिषद की करीब 35 से 40 लाख रुपये गृहकर की राशि पर कुंडली जमाए बैठे हैं और एक-दो साल से नहीं बल्कि करीब दो दशक से इनकी मनमानी का यह सिलसिला बदस्तूर जारी है।
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नोटिस का ही खेला, नहीं हुई कार्रवाई
गृहकर वसूली के नाम पर नगर परिषद अब तक केवल नोटिस-नोटिस जारी करने का ही खेला खेलती नजर आ रही है। बिजली-पानी के कनेक्शन काटने के ऐलान तो अक्सर होते रहे लेकिन इस तरह की सख्त कार्रवाई के नाम पर नगर परिषद के कागज खाली ही दिखाई देते हैं। यदि सख्त कार्रवाई होती, तो बरसों से गृहकर की इतनी बड़ी लंबित राशि बकाया न होती।
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समय-समय पर दिए जा रहे नोटिस : संजय तोमर
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संजय तोमर ने कहा कि गृहकर की अदायगी न करने वाले लोगों को समय-समय पर नोटिस जारी किए जाते हैं। इन्हें नगर परिषद प्रशासन की तरफ से कई बार गृहकर में छूट भी दी गई। गृहकर जमा न करवाने वालों को दूसरी बार नोटिस जारी किए जा रहे हैं। यदि फिर भी गृहकर जमा नहीं होता, तो इनके बिजली-पानी के कनेक्शन काटे जा सकते हैं।
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हाउस में रखेंगे मामला : अविनाश गुप्ता
नगर परिषद के उपाध्यक्ष अविनाश गुप्ता ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है कि 43 डिफाल्टरों ने लंबे समय से गृहकर जमा नहीं करवाया है। गृहकर दाताओं को समय-समय पर इसमें छूट भी दी गई है। डिफाल्टरों पर सख्त कार्रवाई करने को लेकर मामला नगर परिषद के हाउस में रखकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जल्द से जल्द लंबित गृहकर की राशि वसूली जाए।