सर्दी ठंड बढ़ने के साथ हजारों प्रवासी पक्षियों के पहुंचने की उम्मीद,
अक्तूबर से शुरू होता है प्रवास और मार्च-अप्रैल में लौटते हैं परिंदे
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। सर्दियों की आहट के साथ साइबेरिया और मध्य एशिया के बर्फीले क्षेत्रों से प्रवासी पक्षियों का आसन बैराज पहुंचना शुरू हो गया है। हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर स्थित आसन बैराज में इस सीजन सबसे पहले साइबेरिया से सुर्खाब (रूडी शेल्डक) पहुंचे हैं। फिलहाल करीब दो दर्जन सुर्खाब यहां पहुंच चुके हैं। ठंड बढ़ने के साथ अगले कुछ सप्ताह में इनकी संख्या और अन्य प्रवासी जल पक्षियों का आगमन बढ़ने की उम्मीद है।
हर वर्ष अक्तूबर से प्रवासी जल पक्षियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू होता है। साइबेरिया और मध्य एशिया के बर्फीले क्षेत्रों में अत्यधिक ठंड और भोजन की कमी के कारण ये पक्षी करीब चार से पांच हजार किलोमीटर की दूरी तय कर आसन बैराज पहुंचते हैं। मौसम गर्म होने पर मार्च-अप्रैल में ये अपने मूल क्षेत्रों की ओर लौट जाते हैं। आसन बैराज में सुर्खाब के अलावा साइबेरियन गल्स समेत कई प्रजातियों के प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं। इनके आगमन के साथ ही क्षेत्र में पक्षी अवलोकन का मौसम शुरू हो जाता है और बड़ी संख्या में पर्यटक व पक्षी प्रेमी यहां पहुंचते हैं। नौका विहार के दौरान पर्यटकों को प्रवासी पक्षियों को करीब से देखने का अवसर भी मिलता है।
स्थानीय लोगों प्रदूमन सिंह असवाल, बीरु चौधरी, रामकुमार, प्रदीप चौहान, अर्जुन ठाकुर, अनिता, सतविंद्र सिंह, ममता और अंजना शर्मा ने बताया कि उत्तराखंड के पहले रामसर स्थल आसन संरक्षण पार्क में साइबेरियाई पक्षियों का आगमन शुरू होना अच्छी खबर है।
उत्तराखंड के विकासनगर स्थित आसन बैराज के वन दरोगा गौतम छेत्री ने बताया कि दर्जनों साइबेरियाई प्रवासी पक्षियों ने आसन बैराज में दस्तक दी है। अन्य जल पक्षियों का आगमन भी शुरू हो गया है। ठंड बढ़ने के साथ प्रवासी पक्षियों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है।