शताब्दी उत्सव पर कार्यक्रम, सकारात्मक सोच और एकता का दिया संदेश
भारत को विश्व गुरु बनाना ही संघ का लक्ष्य : स्वामी दयानंद भारती
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/ददाहू/सराहां। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी उत्सव के अंतर्गत स्वयंसेवकों ने रविवार को जिला सिरमौर के नाहन, ददाहू और सराहां में अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का संदेश देते हुए भव्य पथ संचलन निकाला। स्वयंसेवक परंपरागत गणवेश में कदमताल करते हुए शहर के प्रमुख मार्गों से गुज़रे। इस दौरान शहरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया।
जिला मुख्यालय नाहन में चौगान मैदान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके बाद यहां से पथ संचलन शुरू हुआ। दिल्ली से बड़ा चौक, छोटा चौक होते हुए बस अड्डा तक स्वयंसेवकों ने पथ संचलन किया। कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और अन्य लोग मौजूद रहे। आरएसएस अधिकारियों ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य समाज में अनुशासन, संगठन और राष्ट्र सेवा की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवक समाज के हर वर्ग तक एकता और सकारात्मक सोच का संदेश पहुंचा रहे हैं।
रेणुकाजी में आयोजित शताब्दी उत्सव की अध्यक्षता करते हुए महामंडलेश्वर स्वामी दयानंद भारती ने कहा कि भारत को विश्व गुरु बनाना ही संघ का मुख्य लक्ष्य है। राष्ट्रीय सेवक संघ (आरएसएस) ने 100 वर्ष में उपलब्धियों भरे कई आयाम स्थापित किए हैं। संघ से जुडे सेवक हर विपदा और आपदा में भारत के साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़े हैं।
मुख्यवक्ता एवं सहायक आचार्य डॉ. सोमदत्त ने कहा कि 1925 में संघ की स्थापना हुई थी। विश्व के 26 देशों में संघ की शाखाएं और कार्यक्रम संचालित हैं। इस दौरान सेवकों ने रेणुकाजी से लेकर ददाहू तक पथ संचलन करके शांति, एकता और भाईचारे का संदेश दिया।
उधर, सराहां में आरएसएस के शताब्दी उत्सव के मौके पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने सराहां बाजार में पथ संचलन किया। साथ ही लोगों को एकता और सकारात्मक सोच का संदेश दिया। कार्यक्रम में दर्जनों आरएसएस कार्यकर्ता शामिल हुए।
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ददाहू में पथ संचलन करते आरएसएस के स्वयंसेवक। संवाद
ददाहू में पथ संचलन करते आरएसएस के स्वयंसेवक। संवाद