सिरमौर के शिलाई में कफोटा वन परिक्षेत्र में बिना अनुमति के एक किलोमीटर अधिक बनाई गई सड़क।
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शिलाई (सिरमौर)। वन मंडल रेणुका जी के अंतर्गत कफोटा वनपरिक्षेत्र में आरक्षित वन क्षेत्र में बिना अनुमति के एक व्यक्ति ने सड़क निकाल दी। हैरत यह है कि विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। मामला संज्ञान में आने के बाद बाद वन विभाग जागा और 50 हजार की डैमेज रिपोर्ट काटकर कर अपना पल्लू झाड़ लिया। सड़क निर्माण के लिए कई पेड़ों को भी काटा गया है। वहीं, कई पेड़ जमींदोज हो गए।
जानकारी के अनुसार आरक्षित वन भूमि में कुमलाह-जोंग संपर्क सड़क के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, खनन विभाग और पर्यावरण विभाग की अनुमति लिए बिना ही जेसीबी और एनएनटी मशीनें लगाकर करीब एक किलोमीटर अधिक सड़क बनाई गई। इस दौरान सड़क निर्माण के लिए औषधीय और कुकाट के हरे पेड़ भी मलबे में दब गए। यहीं नहीं कटिंग के मलबे और पत्थरों को नीचे गिराये जाने से अन्य पेड़ों को भी नुकसान पहुंचा है। सवाल यह उठता है कि आखिर सड़क निर्माण के दौरान विभाग कहां था। क्यों इस पर कार्रवाई नहीं की गई। अब पता चला तो साख बचाने के लिए महज डैमेज रिपोर्ट काटी गई।
उधर, इस संबंध में वन जिला अरण्यपाल नाहन सरिता कुमारी ने बताया कि उन्होंने आज ही कार्यभार संभाला है। मामला उनके संज्ञान में नहीं हैं। यदि आरक्षित वन भूमि पर कोई वन संपदा, खनन संपदा और वन भूमि की क्षति हुई है तो वन विभाग तत्काल प्रभाव से दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करेगा।
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