कंडा नाला में पानी का स्तर बढ़ने के बाद लगा जाम।
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नाहन/नौहराधार (सिरमौर)। जनपद सिरमौर में बारिश के बीच भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। नौहराधार क्षेत्र में बारिश के बीच कंडा नाला में भारी बाढ़ आने से राजगढ़-नौहराधार सड़क पर 14 घंटे आवाजाही बंद रही। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। वहीं, जिले में अभी भी पांच सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बहाल नहीं हो पाई है।
शिलाई में बारिश के बाद हुए भूस्खलन के चलते चार सड़कों पर आवाजाही बंद पड़ी है। वहीं, संगड़ाह क्षेत्र में भी एक सड़क भारी मलबा आने से अवरुद्ध हो गया है। बंद पड़े मार्गों के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इससे लोक निर्माण विभाग को दो लाख रुपये की चपत लगी है।
वहीं, जिला मुख्यालय नाहन के कच्चा टैंक में भूस्खलन के चलते एक घर की सीढ़ियां ढह गई हैं। इससे भवन मालिक नरेंद्र को भारी नुकसान पहुंचा है। लोक निर्माण विभाग मंडल संगड़ाह और राजगढ़ की सीमा पर मौजूद कंडा नाले में आई बाढ़ के चलते मंगलवार शाम साढ़े 5 बजे से बुधवार सुबह करीब 8 बजे तक यातायात व्यवस्था ठप रही।
चूड़धार घाटी से निकलने वाले इस नाले ने भारी बारिश के बाद एक बार फिर रौद्र रूप ले लिया, जिसके चलते यहां पर दर्जनों गाड़ियां सड़क के दोनों ओर फंसी रहीं। कईं चालकों एवं यात्रियों को सड़क खुलने के इंतजार में गाड़ियों में ही रात गुजारनी पड़ी। मंगलवार शाम दाड़लाघाट लौट रहे एक ट्रक चालक ने जोखिम उठाकर अपना ट्रक उफनते नाले में पार निकालने की कोशिश की, मगर ट्रक बीच में ही फंस गया।
कंडा नाले का बरसात व बर्फबारी के दौरान रौद्र रूप में आना लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों ने इस पुल अथवा पुलिया का निर्माण कार्य लंबित होने के लिए विभाग और ठेकेदार के प्रति रोष जताया। उधर, प्रशासन ने राहगीरों और चालकों से अपील की है कि नाले में पानी बढ़ने के दौरान यहां अपने वाहनों को न ले जाएं। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजगढ़ नरेंद्र वर्मा ने कहा कि ठेकेदार को कंडा नाले पर बनने वाले पुल का निर्माण कार्य 31 अक्तूबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य प्रगति पर है। वहीं, विभाग के अधीक्षण अभियंता वीएन पराशर ने जिले में पांच सड़कों के बंद होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सड़कों को खोलने का कार्य जारी है।