संयुक्त संघर्ष समिति एवं विद्युत बोर्ड कर्मचारी यूनियन पांवटा साहिब की बैठक
दो सितंबर के शिमला धरने में ओपीएस बहाली की मांग को सर्वोच्च प्राथमिकता
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। संयुक्त संघर्ष समिति जिला सिरमौर एवं हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड कर्मचारी स्थानीय इकाई की बैठक इलेक्ट्रिकल डिवीजन पांवटा साहिब में आयोजित की गई। बैठक में कर्मचारियों, अधिकारियों एवं पेंशनरों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एकजुट होकर ओपीएस बहाली, विद्युत बोर्ड में रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरने तथा पेंशनरों की लंबित देनदारियों का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की मांग को लेकर संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लिया।
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बैठक में विशेष रूप से दो सितंबर 2026 को शिमला में आयोजित होने वाले विशाल धरना-प्रदर्शन की तैयारियों तथा उसमें कर्मचारियों एवं अधिकारियों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया इस धरना-प्रदर्शन में ओल्ड पेंशन स्कीम की बहाली की मांग को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा।
बैठक में हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड कर्मचारी यूनियन पांवटा इकाई के अध्यक्ष इम्तियाज हाशमी, पेंशनर यूनियन धौलाकुआं के अध्यक्ष भगवान दास, पांवटा इकाई के सचिव संजय तथा हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड कर्मचारी यूनियन के राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील चौधरी विशेष रूप से मौजूद रहे। शिमला में होने वाले धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए एकजुट होकर अधिक भागीदारी का संकल्प लिया है।
विद्युत बोर्ड में लंबे समय से रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरने, कर्मचारियों पर बढ़ते कार्यभार को कम करने तथा बोर्ड के कार्यों को सुचारू रूप से चलाने की मांग पर भी चर्चा की गई। पेंशनर की विभिन्न लंबित देनदारियों एवं भुगतान से संबंधित समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि शिमला में होने वाला धरना-प्रदर्शन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि कर्मचारियों एवं पेंशनरों की आवाज को मजबूती से सरकार एवं विद्युत बोर्ड प्रबंधन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। पांवटा साहिब क्षेत्र सहित जिला सिरमौर के सभी कर्मचारियों एवं अधिकारियों से अधिक से अधिक संख्या में शिमला पहुंचकर इस संघर्ष को मजबूत करने का आह्वान किया गया।