सिरमौर के रेणुकाजी मिनी चिड़ियाघर में पर्यटकों का बाघों को देखने का इंतजार खत्म होने जा रहा है। नागपुर से लाए गए नर और मादा बाघ को मंगलवार से नए बाड़े में एक साथ छोड़ा जाएगा। बाजीराव और मस्तानी नाम के इस जोड़े के लिए 1.62 करोड़ रुपये की लागत से बाड़ा तैयार किया गया है।
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रेणुकाजी मिनी चिड़ियाघर में बाघ को देखने का पर्यटकों का इंतजार मंगलवार को खत्म हो जाएगा। महाराष्ट्र के नागपुर से लाए गए नर और मादा जोड़े को नए बाड़े में खुले में छोड़ा जाएगा। इससे पर्यटक प्रदेश में पहली बार एक साथ बाघ के जोड़े का दीदार कर सकेंगे।
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वन्य प्राणी विंग हिमाचल प्रदेश ने टाइगर के इस जोड़े को बाजीराव और मस्तानी का नाम दिया है। रेणुका के विधायक एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार मंगलवार को 1.62 करोड़ रुपये से तैयार बाड़े का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद दोनों को बाड़े में छोड़ा जाएगा।
वह चिड़ियाघर में 32 लाख रुपये की लागत से बने जीवांश वन्यजीव अस्पताल का भी लोकार्पण करेंगे। नागपुर से नर और मादा बाघ को 20 सितंबर को रेणुकाजी लाया गया था। नए वातावरण में ढलने के लिए उन्हें करीब डेढ़ माह तक विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया। विभाग को उम्मीद है कि इनके दीदार से रेणुकाजी में पर्यटकों की आमद बढ़ेगी। संवाद
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दोनों बाघ रेणुकाजी के वातावरण के पूरी तरह अनुकूल हो गए हैं। डेढ़ माह तक चिकित्सकों की निगरानी में रखने के बाद अब उन्हें एक साथ नए बाड़े में छोड़ा जा रहा है। -डॉ. शाहनवाज अहमद भट्ट, डीएफओ, वन्य प्राणी मंडल शिमला