ददाहू (सिरमौर)। पिछले एक वर्ष से वीरान पड़े रेणुका सिंह विहार में टाइगर का जोड़ा लाए जाने की योजना अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाई है। बीते वर्ष मई माह में एकमात्र शेर निशु की मौत के बाद विभाग नए जानवरों को लाने एवं टाइगर के एक जोड़े को रेणुका में स्थापित करने की योजना व दावे करता आ रहा है लेकिन अभी तक टाइगर के बाड़ों का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
विभाग ने रेणुका में टाइगर के बाड़े के निर्माण के लिए 20 लाख की राशि स्वीकृत की है लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। इसके साथ ही मिनी जू रेणुका में अन्य जानवरों को भेजने के दावे भी खोखले साबित हो रहे हैं। विभाग ने रेणुका में भेडिया, लोमड़ी व जंगली कुत्ते सहित कई पक्षियों की प्रजातियों के साथ तितलियों का प्रजनन केंद्र स्थापित करने का दावा किया था लेकिन इस ओर विभाग एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा सका जिस कारण रेणुका में पर्यटक खाली पिंजरे निहार कर निराश लौट रहे हैं।
उधर वन्य प्राणी विभाग के डीएफओ सतीश गुप्ता ने बताया कि टाइगर का नया जोड़ा लाने की स्वीकृति सीजेडए से मिल चुकी है। टाइगर के बाड़े का आधुनिक रूप से निर्माण किया जाना है जिसका नक्शा तैयार कर सीजेडए को सौंपा गया है लेकिन नक्शे को अभी तक स्वीकृत नहीं मिली है। स्वीकृत मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि रेणुका के लिए टाइगर के जोड़े का चयन कर लिया गया है। बैंगलूरू के बनोरगाटा चिड़ियाघर से टाइगर के जोड़े को यहां शिफ्ट किया जाएगा।