संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। रेणुका बांध विस्थापित संघर्ष समिति ने एक ओर जहां अपनी प्रमुख मांग माने जाने पर सरकार का आभार जताया है, वहीं दूसरी ओर लंबित मांगों को लेकर आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। नाहन मुख्यालय में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान समिति के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक विस्थापितों के सभी हक पूरे नहीं होते, बांध के निर्माण कार्य को किसी भी सूरत में शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
समिति के अध्यक्ष विजय ठाकुर ने बताया कि विस्थापितों की एक प्रमुख और पुरानी मांग 150 गृहविहीन परिवारों की सूची को मंजूरी मिलना एक बड़ी जीत है। उन्होंने इस सकारात्मक कदम के लिए स्थानीय विधायक और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार और मुख्यमंत्री का विशेष आभार व्यक्त किया। विजय ने कहा कि पूर्व सरकार के समक्ष भी यह मांग कई बार उठाई गई थी, लेकिन वर्तमान विधायक के प्रयासों से ही इसे अमलीजामा पहनाया जा सका है।
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आभार जताने के साथ ही समिति ने कड़े तेवर भी दिखाए। विजय ठाकुर ने कहा कि हमारी एक मांग जरूर पूरी हुई है, लेकिन लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। जब तक विस्थापितों की सभी जायज मांगों का समाधान नहीं होता, रेणुका बांध का कार्य ठप रहेगा।
समिति के अध्यक्ष ने कहा कि कई गृहविहीन विस्थापितों की सूची स्पष्ट होने के बावजूद अभी तक अनुदान की राशि जारी नहीं की गई है। विस्थापितों की जिस जमीन का अधिग्रहण किया गया है, उसकी पैमाइश (डीमार्केशन) की मांग लंबे समय से लंबित है। समिति ने आरोप लगाया कि पुनर्वास के नाम पर विस्थापितों के साथ मजाक हो रहा है। रहने के लिए घर कहीं और दिया गया है, जबकि खेती के लिए जमीन मीलों दूर आवंटित की गई है, जिससे जीवन यापन असंभव है।
प्रेसवार्ता में संयोजक विनोद ठाकुर और प्रेस सचिव योगी ठाकुर भी मौजूद रहे। उन्होंने दोहराया कि संघर्ष समिति अपने हकों के लिए एकजुट है और सरकार को जल्द से जल्द शेष मांगों पर ठोस निर्णय लेना होगा।
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