रेणुका बांध प्रभावितों की दो बड़ी मांगें मानीं : ठाकुर
-बिजली मीटर और 250 वर्गमीटर निर्माण की शर्त में मिली राहत, 17 पंचायतों में रुके विकास कार्य शुरू करने की उठाई मांग
-डूब क्षेत्र, मुआवजा और मोहतू-चमियाना पुल को लेकर भी सरकार व प्रबंधन से मांगी स्पष्टता
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। रेणुका बांध विस्थापित संघर्ष समिति ने कहा है कि सरकार, जिला प्रशासन और एचपीपीसीएल प्रभावित परिवारों की मांगों को गंभीरता से सुन रहे हैं। समिति की हालिया मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई शुरू होने से जहां विस्थापितों को राहत मिली है, वहीं बांध परियोजना के कार्य में भी तेजी आने की उम्मीद जगी है। समिति ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में भी इसी प्रकार उनकी जायज मांगों का समाधान किया जाता रहा तो प्रभावित परिवार भी परियोजना निर्माण में पूरा सहयोग देंगे।
नाहन में आयोजित पत्रकारवार्ता में समिति के प्रेस सचिव योगी ठाकुर ने बताया कि संघर्ष समिति लंबे समय से विस्थापित परिवारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को सरकार और परियोजना प्रबंधन के समक्ष उठा रही है। हाल ही में इनमें से दो महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बनने से प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने बताया कि पहले गृहविहीन श्रेणी में लाभ लेने के लिए बिजली मीटर नंबर देना अनिवार्य किया गया था। लेकिन क्षेत्र में कई संयुक्त परिवार एक ही मकान और एक ही बिजली मीटर का उपयोग करते हैं। ऐसे में अलग-अलग परिवारों को पात्रता साबित करने में कठिनाई आ रही थी। समिति ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद परियोजना प्रबंधन ने मीटर नंबर संबंधी शर्त को समाप्त करने पर सहमति दे दी है।
योगी ठाकुर ने बताया कि समिति ने मकान निर्माण के लिए निर्धारित 250 वर्गमीटर की शर्त को भी व्यावहारिक नहीं बताया था। उन्होंने कहा कि अनेक प्रभावित परिवार पहले ही अपने संसाधनों के अनुसार मकान बना चुके हैं, जबकि कई लोगों के लिए इस शर्त के अनुरूप निर्माण करना संभव नहीं है। समिति ने मांग की है कि दो या उससे अधिक मंजिला मकानों को भी इस दायरे में शामिल किया जाए। प्रबंधन ने इस प्रस्ताव को आगामी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में प्रमुखता से रखने का आश्वासन दिया है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में समिति के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त सिरमौर से भी मुलाकात कर क्षेत्र की अन्य समस्याओं से अवगत कराया। समिति का कहना है कि रेणुका बांध परियोजना से प्रभावित 17 पंचायतों में परियोजना की घोषणा के बाद से विकास कार्य लगभग ठप पड़े हैं। सड़कों, गलियों और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं की हालत लगातार खराब होती जा रही है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समिति ने मांग की है कि परियोजना पूरी होने का इंतजार किए बिना इन क्षेत्रों में आवश्यक मरम्मत और विकास कार्य तुरंत शुरू किए जाएं।
पत्रकारवार्ता में योगी ठाकुर ने अधिवक्ताओं से भी अपील की कि वे बांध प्रभावितों के मामलों को गंभीरता से उठाएं और लोगों को किसी प्रकार के भ्रम में न रखें। उन्होंने कहा कि जिन प्रभावित परिवारों के मामले अभी तक लंबित हैं या जिनकी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है, वे संघर्ष समिति से संपर्क करें। समिति ऐसे सभी परिवारों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराएगी।
उन्होंने कहा कि संघर्ष समिति का उद्देश्य परियोजना का विरोध करना नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों के अधिकारों की रक्षा करना है। यदि सरकार और प्रशासन इसी प्रकार संवेदनशीलता के साथ समस्याओं का समाधान करते रहे तो प्रभावित भी परियोजना निर्माण में पूरा सहयोग देंगे। उन्होंने क्षेत्र के विधायक विनय कुमार का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने प्रभावितों की मांगों को सरकार तक पहुंचाने और उनके समाधान के लिए सकारात्मक भूमिका निभाई है।
वहीं, समिति के सलाहकार दुर्गा राम शर्मा ने परियोजना प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कुल कितनी भूमि डूब क्षेत्र में आएगी और कितनी भूमि डूब क्षेत्र से बाहर रहेगी। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को किस आधार पर मुआवजा दिया जा रहा है तथा कितनी भूमि का भुगतान किया जा चुका है, इसकी भी पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है। उन्होंने मांग की कि परियोजना से जुड़ी सभी जानकारियां प्रभावितों के समक्ष स्पष्ट रूप से रखी जाएं।
दुर्गा राम शर्मा ने मोहतू और चमियाना के बीच पुल निर्माण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि इस पुल का प्राक्कलन पहले तैयार किया जा चुका था, लेकिन आंदोलन शांत पड़ने के बाद इस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। उनका कहना था कि जब क्षेत्र में हजारों करोड़ रुपये की परियोजना बनाई जा रही है, तो इस पुल का निर्माण भी कराया जाना चाहिए। इससे क्षेत्र के लोगों की लगभग 25 किलोमीटर की दूरी कम होगी और आवागमन के लिए बेहतर विकल्प उपलब्ध होगा।
पत्रकारवार्ता में प्रकाश, अमित, नीरज, दिनेश सहित समिति के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।