बद्रीपुर धर्मशाला में नेक्स्ट जैन जीएसटी 2.0 सम्मेलन आयोजित
प्रदेश की सरकार ने जनता पर टैक्स का डाला बोझ : चौधरी
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। शिव मंदिर बद्रीपुर धर्मशाला में नेक्स्ट जैन जीएसटी 2.0 पर सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और विधायक सुखराम चौधरी मौजूद रहे। इस दौरान जीएसटी सुधार के फायदों पर चर्चा की गई। इसे देश की अर्थव्यवस्था में सुधार और राहत वाला कदम बताया गया।
बैठक में डॉ. बिंदल ने कहा कि जीएसटी सुधार सभी वर्गों, आम जनता, मध्य वर्ग और व्यापारियों को लाभ देगा। उन्होंने लोगों से स्वदेशी वस्तुओं के प्रयोग की अपील की, ताकि ‘वोकल फॉर लोकल’ का नारा साकार हो सके। बिंदल ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि उसने जनता पर 10 प्रकार के कर/अतिरिक्त शुल्क लगाए हैं। विद्युत बिलों को 46 फीसदी बढ़ाया है, डीजल पर वैट बढ़ाया है, सीमेंट पर कर बढ़ाया है, पानी के बिल बढ़ाए हैं और अस्पताल रसीदों पर शुल्क लगाया है। उन्होंने कहा कि केंद्र की जीएसटी नीतियां इन बढ़े हुए करों के बोझ को कम करती हैं।
कार्यक्रम में सुखराम चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू जीएसटी अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक सुधार वाला कदम है। उन्होंने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद आम आदमी को रोजमर्रा की जरूरतों में बड़ी राहत मिली है। चारपहिया वाहन की खरीद पर अब 50 हजार रुपये तक की बचत, मोटर साइकिल पर 10 हजार रुपये तक की राहत, 31 गंभीर बीमारियों की दवाइयां जीएसटी से बाहर, और घरेलू सामान जैसे पंखा, बल्ब, डिटर्जेंट, शैम्पू, कॉफी, टूथपेस्ट, मिनरल वाटर और कॉस्मेटिक्स अब सिर्फ 5 फीसदी टैक्स के दायरे में हैं, जबकि यूपीए सरकार में इन पर 30 फीसदी टैक्स देना पड़ता था।
इस अवसर पर शिलाई के पूर्व विधायक बलदेव सिंह तोमर, भाजपा जिलाध्यक्ष धीरज गुप्ता, जिला महामंत्री तपेंद्र सिंह, सुभाष चौधरी, भाजपा मंडल अध्यक्ष हितेंद्र कुमार, रमेश तोमर, महामंत्री रोहित चौधरी, राहुल चौधरी, अनुज भंडारी, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष शिवानी वर्मा, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष अविनाश सैनी, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष अरुण समरान, ओपी कटारिया, अजय मेहता, कृष्णा धीमान, जागीरी राम चौधरी, सीमा चौधरी, रामप्रकाश चौधरी, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष चरणजीत सिंह चौधरी, तरनजीत गिल, शिक्षा रानी, गुरदास राम चौधरी और कलम सिंह उपस्थित रहे।