साल 2018 को शिलाई क्षेत्र का मामला, दोषी ने केसीसी के तहत लिया था 50,000 का ऋण
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। ट्रायल कोर्ट ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) टिंबी शाखा की ओर से दायर वसूली वाद में बैंक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए एक दंपती को 81,341 रुपये की बकाया राशि 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा करने का आदेश दिया है।
अदालत में बैंक ने बताया कि प्रतिवादी सोहन सिंह और श्यामा देवी ने वर्ष 2018 में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के तहत 50 हजार रुपये का कृषि ऋण लिया था। ऋण की राशि प्राप्त करने के बाद उन्होंने निर्धारित शर्तों के अनुसार भुगतान नहीं किया। कई बार नोटिस और आग्रह के बावजूद बकाया जमा नहीं कराया गया। इसके बाद बैंक ने वसूली के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान प्रतिवादियों ने ऋण लेने और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से इन्कार किया लेकिन बैंक ने ऋण आवेदन, ऋण स्वीकृति, एग्रीमेंट, खाता विवरण और बकाया प्रमाणपत्र सहित सभी आवश्यक दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत किए।
सिविल जज विकास कपूर की अदालत ने पाया कि प्रतिवादी अपने दावों के समर्थन में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके और न ही गवाह के रूप में पेश हुए। वहीं बैंक की ओर से प्रस्तुत दस्तावेज और साक्ष्य विश्वसनीय पाए गए। अदालत ने माना कि बैंक ने अपना दावा सिद्ध कर दिया है तथा वाद समय-सीमा के भीतर दायर किया गया था। अंतिम आदेश में अदालत ने प्रतिवादियों को संयुक्त रूप से 81,341 रुपये की मूल बकाया राशि के साथ 26 जून 2024 से भुगतान की तिथि तक 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज और वाद व्यय अदा करने के निर्देश दिए।-