शिमला मिर्च, फूल गोभी, फ्रांसबीन और मटर 100 के पार
दाम बढ़ने से बिगड़ रहा रसोई का बजट
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। इस मानसून सीजन में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई है। इससे भारी जान-माल का नुकसान हुआ है और संपर्क मार्ग भी बार-बार बाधित होते रहे। फसलों को भी काफी क्षति पहुंची। अधिक बारिश का असर फसलों के साथ सब्जियों पर भी पड़ा है। सब्जियों को मंडियों तक पहुंचाने में भी दिक्कतें आईं। इसका सीधा असर आम आदमी की थाली पर पड़ा और सब्जियों के दाम बेलगाम हो गए हैं।
पांवटा साहिब के राजेंद्र नेगी, अतर सिंह नेगी, भरत राणा, प्रवेश शर्मा, अमरिंदर सिंह, सुनील ठाकुर, शाहनवाज और रमेश शर्मा का कहना कि इस वर्ष भारी बारिश के चलते सब्जियों के दाम डेढ़ माह से लगातार बढ़ रहे हैं। कुछ सब्जियों के दाम तो एक माह से आम आदमी की पहुंच से बाहर हैं। मटर, फ्रांसबीन, फूल गोभी, शिमला मिर्च और धनिया के दाम 100 से 140 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं।
गृहिणी अमिता, आबिदा, रेखा, सिमरत कौर, हरजीत कौर और राधा शर्मा का कहना है कि सब्जियों के दाम बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ गया है। आमतौर पर मानसून में हरी-भरी सब्जियां बाहर के राज्यों से आ जाती थीं, लेकिन इस बार भारी बारिश के चलते काफी दिक्कतें हुई हैं।
कमलेश शर्मा, शिवानी, आरती, बाला, अन्नु, पूनम, ममता चौहान, सरिता और सुलक्षणा ने कहा कि हरी सब्जियां स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होती हैं, लेकिन अब इस मानसून में इन्हें खाना आसान नहीं रहा। हरी सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। रोजाना खाने वाली सब्जियां थाली से गायब हो गई हैं। पहले मानसून में कई सब्जियां औने-पौने दामों पर मिल जाती थीं, अब वही 50–60 रुपये से अधिक बिक रही हैं। मुफ्त मिलने वाला हरा धनिया भी अब 100 रुपये प्रति किलो से ऊपर पहुंच गया है।
क्या बोले सब्जी विक्रेता
सब्जी व्यापारी सुशील शर्मा, अनिल, राम कुमार, सीताराम शर्मा और भगत राम ने बताया कि सब्जियों के दाम बढ़ने की सबसे बड़ी वजह इस बार की रिकॉर्ड तोड़ बारिश है। अधिक बारिश से ज्यादातर किसान अपनी बरसाती सब्जियों की फसल बचा नहीं पाए। लोकल सब्जियां बहुत कम आ रही हैं। मजबूरी में बाहर से सब्जियां और फल मंगवाने पड़ रहे हैं। छोटे विक्रेता और रेहड़ी संचालक भी 100 रुपये से अधिक दाम वाली सब्जियों को मंडी से कम मात्रा में खरीद और बेच रहे हैं।
सब्जियों के दाम (प्रति किलो, रुपये में)
शिमला मिर्च 100 से 140
फूल गोभी – 100 से 120
फ्रांसबीन – 100 से 140
मटर – 100 से अधिक
करेला – 40 से 80
भिंडी – 50 से 60
पत्ता गोभी – 50
बैंगन – 40 से 60