फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बरसाती खड्डों का होगा तटीयकरण

Sat, 06 Aug 2016 11:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नाहन
विज्ञापन
विज्ञापन
पांवटा में बरसाती नाले उफान पर रहने के कारण हर वर्ष भूमि कटाव से भारी क्षति होती है। अब इन नदी नालों का तटीयकरण होगा जिसके लिए करीब 65 करोड़ की 2 योजनाएं तैयार की गई है। इससे स्टेट टेक्निकल एडवाईजरी कमेटी (स्टैग) के पास मंजूरी को भेजा गया है। दोनों योजनाओं को मंजूरी मिलते ही क्षेत्र में करीब 22 किमी नदी नालों का तटीयकरण कार्य हो सकेगा।
विज्ञापन


पांवटा क्षेत्र में पहुंचने वाली गिरी नदी में राजबन तथा नवादा में यमुना नदी के संगम तक आसपास के क्षेत्र में जल स्तर बढ़ने पर भूमि कटाव होता रहा है। इससे आसपास लगते कुछ रिहायशी स्थलों पर भी संकट मंडराता रहा है। इसलिए आईपीएच विभाग ने राजबान व नवादा का करीब 5 किलोमीटर तटीकरण क्षेत्र के लिए चिन्हित किया। इसके लिए 27 करोड़ का प्राकलन तैयार किया है।

दूसरी योजना में हर साल कहर बरपाने वाली बरसाती नालों सुद्दोंवाला, कौंधरी व मंडी खाले के तटीकरण की योजना है। इन खालों में आसपास लगते रिहायशी मकान या उपजाऊ भूमि क्षेत्र है। ऐसे में करीब 17 किमी संवेदनशील क्षेत्र को चिन्हित किया गया है। इसके लिए विभाग ने डीपीआर तैयार की है। इन योजनाओं को स्टैग की बैठक में रखा जाएगा। योजनाओं को मंजूरी मिलने पर सैकड़ों किसानों को भूमि कटाव से राहत मिल सकेगी।
विज्ञापन


उधर, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधिशासी अभियंता पांवटा नरेश धीमान ने पुष्टि की है। गिरी नदी के तटीकरण पर 27 करोड़ व सुद्दोंवाला, कौंधरी व मंडी खाले के तटीकरण के लिए करीब 38 करोड़ की योजना तैयार कर मंजूरी को भेजी है। दोनों योजनाओं को मंजूरी मिलने पर करीब 22 किलोमीटर नदी-नालों के आसपास क्षेत्रों का तटीकरण का कार्य हो सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें