नाहन/ददाहू/संगड़ाह/नौहराधार/ सतौन/ राजगढ़ (सिरमौर)। जनपद में मूसलाधार बारिश ने भारी कहर मचाया। जिले में बारिश के चलते 52 सड़कें मलबे से अवरुद्ध हो गईं। हालांकि, दोपहर तक लोक निर्माण विभाग ने 48 सड़कों को वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया। फिलहाल शिलाई उपमंडल की तीन सड़कें बंद पड़ी हैं। घंटों सड़कें बंद रहने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सड़कों पर भूस्खलन का खतरा लगातार जारी है।
दो दिन से हो रही बारिश के चलते नदी नाले उफान पर आ गए हैं। नालों का पानी सड़कों पर बह रहा है। सड़कों पर भारी भूस्खलन के चलते लोक निर्माण विभाग को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं, कालाअंब के अंबा इंडस्ट्रियल कार्पोरेशन सहित साथ लगते अन्य उद्योगों में भी बरसाती पानी घुसने से करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। इस उद्योग में रामपुर जट्टान से खाले का पानी इस उद्योग सहित साथ लगते पौदार टायर और साबू टोर आदि उद्योगों में घुसने से भारी क्षति पहुंची है।
वर्षा के चलते खूड निवासी दीपराम की एक पशुशाला ध्वस्त हो गई लेकिन पशुओं को सुरक्षित बचा लिया गया। पशुशाला के ढहने से स्थानीय प्रशासन ने 12 हजार के नुकसान की आशंका जाहिर की है। कानूनगो अशोक पंवार ने बताया कि गोशाला को हुए नुकसान की रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को सौंप दी गई है। सभी हल्का पटवारियों से नुकसान की रिपोर्ट तलब करने को कहा गया है।
उधर, संगड़ाह उपमंडल में एक दर्जन से अधिक मार्ग अवरुद्ध हो गए जिसमें सभी मार्गों पर भारी मलबा व पत्थर गिरने से इन सड़कों पर गाड़ियों के पहिए थम गए। संगड़ाह-ददाहू मार्ग पर उपमंडल मुख्यालय से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर वालिया माइन से भारी मात्रा में आए मलबे ने इस मार्ग को 200 मीटर मार्ग को पूरी तरह से बाधित कर दिया। इसके साथ-साथ संगड़ाह-रेणुकाजी, संगड़ाह- लानापालर, बोगधार, सैरतंदुला, ऊंचा टिक्कर, सुंदरघाट-अरट-शिवपुर, टिकरी, मंगवा सियूं, लगनू, गतलोग, अरलू और हरिपुरधार क्षेत्र की डलयानू-पिउलीलानी-नैनीधार, भलाड भलोना, रतवा गेहल, हरिपुरधार-गेहल डिमाईना आदि मार्ग भी बंद रहे।
सहायक अभियंता हरिचंद चौहान ने बताया कि अधिकतर मार्गों को खोल दिया गया है। तहसील नौहराधार के लानाचेता पंचायत के गुमन गांव में सोमवार को हुई बारिश बारिश ने कहर बरपाया। इस बारिश से जहां किसानों की नकदी फसलों, खेत खलियान को भारी क्षति पहुंची है वहीं यहां पर बारिश के चलते पीछे से आई बाढ़ का पानी घरों में घुस गया। बारिश से पीछे गुमन गांव में भूमि कटाव होने के चलते पानी गांव में आ गया, जिससे आधा दर्जन परिवार प्रभावित हुए है।
इसके साथ-साथ यहां किसानों के खेतों में भी मलबा घुस जाने के कारण किसानों की अदरक, टमाटर और मक्की की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीण राजस्व अधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि नुकसान की रिपोर्ट तैयार करके उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। मूसलाधार बारिश के चलते उपमंडल मुख्यालय संगड़ाह में लघु सचिवालय भवन के प्रथम तल पर बरसाती पानी घुस गया।
इसके अलावा पुलिस थाना से बस अड्डा पैदल मार्ग पर पानी कई दुकानों में घुस गया। इसी प्रकार वन विभाग कार्यालय के समीप बने पर्यावरण प्रेमी स्व. किंकरी देवी के पोते के मकान को खतरा पैदा हो गया है। एसडीएम डॉ. विक्रम नेगी ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए शीघ्र ही ठोस कदम उठाए जाएंगे।
कफोटा के समीप भारी भूस्खलन के चलते एनएच 707 तीन घंटे बंद रहा। सतौन में एनएच का मलबा आने से लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ी। इसके साथ-साथ रेणुका-सतौन सड़क बंद रही।