सिविल अस्पताल ददाहू का भवन। संवाद
सिविल अस्पताल ददाहू में अल्ट्रासाउंड सुविधा का लाभ लेने वाले मरीजों को अभी भी मेडिकल कॉलेज नाहन या अन्य अस्पतालों के चक्कर काटने होंगे। कहने को तो यहां दो रेडियोलॉजिस्ट तैनाती हुई है, लेकिन वह सेवाएं कहीं ओर देंगे। अस्पताल रिकाॅर्ड में चिकित्सकों की संख्या छह दर्ज हो गई है, स्वास्थ्य सेवाएं केवल चार से ही मिल रहीं हैं।
दरअसल, हाल ही में ददाहू अस्पताल में दो रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती की गई है। नियुक्ति के साथ-साथ ही सरकार और विभाग की ओर इस दोनों रेडियाेलॉजिस्ट की प्रतिनियुक्ति आदेश भी जारी हुए हैं। इसके अनुसार अब यह दोनों विशेषज्ञ मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन में सेवाएं देंगे। इसके चलते करीब 25 पंचायतों की जनता को रेडियोलॉजिस्टों की सेवाओं का कोई लाभ नहीं मिलेगा।
स्थानीय लोगों में सरकार और विभाग की इस व्यवस्था को लेकर खासा रोष है। उनका आरोप है कि अस्पताल में चिकित्सकों की संख्या बढ़ाकर दिखाने के लिए यह कारनामा किया है। यदि दोनों रेडियोलॉजिस्टों का वेतन सिविल अस्पताल ददाहू की मार्फत ही निकाला जाएगा, तो उनकी सेवाएं भी यहीं पर होनी चाहिए। गौरतलब है कि सिविल अस्पताल ददाहू में करीब 15 वर्षों से अल्ट्रासाउंड की मशीन धूल फांक रही है।
यहां पर रेडियाेलॉजिस्ट न होने से मशीन का संचालन नहीं हो पा रहा है। आज भी अल्ट्रासाउंड सुविधा के लिए लोगों को 40 किलोमीटर दूर नाहन, पांवटा साहिब या फिर निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। ऐसे में परेशानी के साथ-साथ उन्हें आर्थिक हानि भी उठानी पड़ रही है। लंबे अरसे बाद यहां रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती से जनता को अल्ट्रासाउंड की सुविधाओं का लाभ मिलना था, लेकिन प्रतिनियुक्ति के चलते व्यवस्थाएं पूर्व की तरह ही बदहाल होकर रह गई है।
सिविल अस्पताल ददाहू के प्रभारी डॉ. अशोक ठाकुर ने बताया कि दो रेडियोलॉजिस्टों की नियुक्ति और प्रतिनियुक्ति आदेश भी एक साथ जारी हुए हैं। इस कारण उन्हें प्रतिनियुक्ति पर नाहन जाने से रोका नहीं जा सकता। उन्होंने ददाहू में ज्वाइन करने के तुरंत बाद प्रतिनियुक्ति पर मेडिकल कॉलेज नाहन भेज दिया गया है। अब वह अपनी सेवाएं नाहन में जारी रखे हुए हैं।