-पौढ़ीवाला सहित जिले के प्रमुख शिवालयों में भंडारे, विशेष पूजा और धार्मिक कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। महाशिवरात्रि पर्व को लेकर जिला सिरमौर के सभी शिवालयों को भव्य रूप से सजाया गया है। शनिवार को जिलेभर के मंदिरों में भगवान शिव के जयकारों से वातावरण गूंज उठेगा। श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिरों में पहुंचकर जलाभिषेक, पूजा-अर्चना और भंडारों में भाग लेंगे।
नाहन के समीप स्थित पौढ़ीवाला शिव मंदिर सिरमौर के साथ-साथ हरियाणा के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंदिर परिसर के आसपास विभिन्न स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया जाएगा और श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं हैं।
जिला मुख्यालय नाहन के रानीताल स्थित शिव मंदिर को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया है। मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके अलावा पातालेश्वर मंदिर, पांवटा साहिब, माता भंगायणी मंदिर, हरिपुरधार, त्रिलोकपुर स्थित शिव मंदिर, कालीस्थान शिव मंदिर, कटासन मंदिर और माता बाला सुंदरी मंदिर, जमटा सहित जिले के अन्य शिवालयों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।
बाक्स
पौढ़ीवाला शिवालय का इतिहास रावण से जुड़ा
जनश्रुति के अनुसार नाहन के समीप स्थित पौढ़ीवाला शिवालय का संबंध लंकापति रावण से जुड़ा है। मान्यता है कि रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न करने और अमरता प्राप्त करने के लिए विभिन्न स्थानों पर पौड़ियां (सीढ़ियां) बनाई थीं, जिनमें दूसरी पौड़ी पौढ़ीवाला में स्थित है। कहा जाता है कि रावण ने यहां भगवान शिव की तपस्या कर शिवलिंग की स्थापना की थी। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि इस शिवलिंग का आकार हर वर्ष जौ के समान बढ़ता है, जो इसे विशेष और चमत्कारी बनाता है। यही कारण है कि महाशिवरात्रि पर यहां श्रद्धालुओं की विशेष आस्था देखने को मिलती है।
शिव मंदिर डोरियोंवाला में महाशिवरात्रि पर्व की भव्य तैयारियां
पुरुवाला। गिरि नदी के तट पर स्थापित प्रसिद्ध शिव मंदिर डोरियोंवाला में महाशिवरात्रि का पावन पर्व हर वर्ष की भांति इस बार भी बड़े धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। मंदिर प्रांगण से लेकर सड़क मार्ग तक पूरे क्षेत्र को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। मंदिर कमेटी के सौजन्य से मंदिर गुफा, श्रद्धालुओं के सैर सपाट और सुकून के लिए नए पार्क का निर्माण, खेड़ा पूजन स्थल, रुद्राक्ष पूजन स्थल सहित अन्य धार्मिक स्थलों की साफ-सफाई व सौंदर्यीकरण किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शिव पूजा, प्रसाद वितरण, घोटा, भांग-धतूरा ग्रहण करने के लिए अलग-अलग स्थान चिन्हित किए गए हैं। पूजा-अर्चना के उपरांत दिन भर भगवान महादेव के भजनों का गुणगान होगा और आकर्षक झांकियां भी निकाली जाएंगी। संवाद