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Sirmour News: सिविल अस्पताल में बाल और मनोरोग चिकित्सक के पद फिर हुए रिक्त

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सिविल अस्पताल पांवटा साहिब से मनोरोग विशेषज्ञ के बाद अबबाल रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त होने से द
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(स्वास्थ्य : लाइव)
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शिशू और मनोरोगियों की बढ़ने लगी परेशानी, दो वर्षों से एनएससीयू वार्ड बंद
स्टाफ नर्सों के 27 और चतुर्थ श्रेणी के 21 पद रिक्त होने से भी हो रही दिक्कतें

सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। दिन शनिवार, समय सुबह 11:25 बजे, स्थान नागरिक अस्पताल पांवटा साहिब। दूरदराज गांवों से ग्रामीण बीमार छोटे बच्चों का उपचार करवाने पहुंचे हैं। काफी देर तक ओपीडी में बैठे, इंतजार के बाद पता चला कि बाल रोग विशेषज्ञ का पद फिर से रिक्त हो गया है। कुछ मनोरोगी भी अस्पताल में उपचार करवाने के लिए पहुंचे।
अस्पताल में बाल रोगियों और मनोरोगियों की परेशानी फिर से बढ़ने लगी है। विशेषज्ञ बाल रोग व मनोरोग चिकित्सक दोनों ही पद रिक्त हो गए है। एमडी मेडिसन का पद पहले ही रिक्त पड़ा है। अस्पताल में पहले से ही स्टाफ नर्सों के 27 और चतुर्थ श्रेणी के 21 पद रिक्त होने से सेवाएं प्रभावित होती रहीं हैं। पिछले दो वर्षों से छोटे बच्चों के लिए बना विशेष एनएससीयू वार्ड भी बंद पड़ा हुआ है।
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शिशु को लेकर पहुंची बिमला देवी, प्रीतिका, कविता, सुंदरी देवी, रुखसाना व बबली ने बताया कि बाल रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त हो जाने से काफी दिक्कतें आने लगी हैं। अब फिर से छोटे बच्चोंं के बीमार होने पर निजी क्लीनिकों की तरफ रुख करना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग विशेषज्ञों के सभी रिक्त पदों को शीघ्र भरने का प्रयास करें।

बता दें कि मेडिकल कॉलेज नाहन के बाद सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में सबसे अधिक 800 से 1000 तक रोज ओपीडी रहती है। जिले के शिलाई, पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्रों के साथ नाहन, रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र से भी काफी मरीज पहुंचते हैं। साथ लगते हरियाणा व उत्तराखंड के गांवों से भी उपचार करवाने के लिए कई मरीज पांवटा अस्पताल समीप पड़ने पर आते हैं।
अस्पताल में डेढ़ वर्ष से अधिक समय तक बाल रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त रहा। इसके बाद से कभी जिला में बेहतरीन सेवाओं के लिए चर्चित रहा छोटे बच्चों के लिए बना विशेष एनएससीयू वार्ड भी बंद पड़ा है। अस्पताल में तीन-चार माह पहले ही विशेषज्ञ डॉक्टर ने ज्वाइन किया था। इसके बाद फिर से बीमार बच्चों की ओपीडी 80 से 130 तक पहुंच गई थी। लोगों को विशेष एनएससीयू वार्ड के फिर से शुरू होने की उम्मीद बंध गई थी, लेकिन अब बाल रोग विशेषज्ञ ने शिमला में सीनियर रेजिडेंसी ज्वाइन कर ली है।

वहीं, करीब ढ़ाई वर्षों तक स्थानीय अस्पताल में बेहतरीन सेवाएं देने वाले युवा डॉक्टर नवदीप धीमान ने भी नाहन मेडिकल कॉलेज में सीनियर रेजिडेंसी ले ली है। बता दें कि विशेषज्ञ डॉक्टर के आने से मनोरोगियों को बेहतर उपचार मिलने लगा था। ढ़ाई वर्षों के भीतर 2500 से अधिक मरीज पहुंचे। अधिकतर को स्वस्थ कर दिया था। इनमें नशा छोड़ कर फिर से नव जीवन शुरू करने वाले मरीज शामिल रहे हैं।
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सिविल अस्पताल पांवटा साहिब के प्रभारी डॉ. सुधी गुप्ता ने रिक्त पदों के बारे में पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि दोनों युवा डॉक्टरों ने सीनियर रेजिडेंसी ज्वाइन कर ली है। अन्य सभी रिक्त पदों के बारे में विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।
संवाद
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