मिल्ला स्कूल में राजनीतिक शास्त्र के शिक्षक का पद रिक्त, छात्र परेशान
दो महीने से प्रधानाचार्य का पद भी चल रहा खाली, बेहतर शिक्षा के दावे हो रहे धड़ाम
विज्ञान विषय को पढ़ाने की पूर्व सरकार ने की थी घोषणा, वो भी अधूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। शिलाई विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मिल्ला में लंबे समय से राजनीतिक शास्त्र के शिक्षक का पद रिक्त है। इसके कारण इस विषय से जुड़े विद्यार्थियों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिलने में कठिनाई पेश आ रही है। इससे ग्रामीणों में रोष पैदा हो रहा है।
जानकारी के अनुसार स्कूल में 2019 से राजनीतिक शास्त्र के शिक्षक का पद रिक्त चल रहा है। इतने लंबे समय के बाद भी यहां रिक्त चल रहे पद को भरने की जहमत नहीं उठाई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि हाल ही में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में राजनीतिक शास्त्र के रिक्त पदों को भरा गया था लेकिन यहां पर शिक्षक नहीं भेजा गया।
बता दें कि स्कूल में हर साल 30 से अधिक छात्र इस विषय की पढ़ाई करते हैं। शिक्षक न होने के कारण इस विषय के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए जूझना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों में भी रोष पैदा हो रहा है। यही नहीं, दो महीने से स्कूल में अब प्रधानाचार्य का पद भी रिक्त पड़ा हुआ है। ऐसा होने से स्कूल के संचालन में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्कूल के एसएमसी अध्यक्ष यशपाल राणा, अजय चौहान, कुलदीप शर्मा, बलवीर राणा, कवर राणा, हेमराज राणा, राय सिंह तोमर, मोहन राणा, जय ठाकुर, जयपाल चौहान, ओम प्रकाश खेमका, ओम प्रकाश राणा, राहुल चौहान, दिनेश राणा, अरविंद राणा और रघुवीर राणा आदि ने बताया कि स्कूल में राजनीतिक शास्त्र का पद पांच साल से खाली होना विद्यार्थियों के साथ अन्याय है। इससे इस विषय में विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा नहीं मिल रही है।
उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री ने स्कूल में विज्ञान विषय की कक्षाएं शुरू करने की भी घोषणा की थी, वह भी पूरी नहीं हो पाई हैं। ऐसे में विज्ञान विषय पढ़ने के इच्छुक विद्यार्थियों को दूसरे स्कूलों का रुख करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और उद्योग मंत्री से मांग की है कि स्कूल में पांच साल से खाली राजनीतिक शास्त्र का पद भरें और स्कूल में विज्ञान विषय की कक्षाओं का संचालन भी शुरू किया जाए।
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