राजगढ़ (सिरमौर)। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के दौरे को लेकर भाजपा और कांग्रेस में राजगढ़ और सराहां के विकास को लेकर आरोप-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री एक सितंबर को सिरमौर के एक दिवसीय प्रवास पर सराहां आएंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के निधन के बाद 25 अगस्त का सीएम का पच्छाद दौरा स्थगित हो गया था।
पच्छाद निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव से ठीक पहले होने वाले इस दौरे से पच्छाद के लोगों को करोड़ों की विकास योजनाओं और सरकारी संस्थानों के खोले जाने की घोषणाओं के तोहफे मिलने की उम्मीद हैं। प्रमुख राजनीतिक दलों भाजपा और कांग्रेस में इन दिनों आरोप-प्रत्यारोपों का दौर चल रहा है। भाजपा कांग्रेस पर क्षेत्रवाद और जातिवाद फैलाने के आरोप लगा रही है। जबकि, कांग्रेसी नेता राजगढ़ क्षेत्र की अनदेखी का आरोप जड़ रहे हैं। अब सबकी नजरें मुख्यमंत्री के सराहां दौरे पर टिकी हैं कि इस दौरान वह पच्छाद निर्वाचन क्षेत्र के राजगढ़ और सराहां के लिए किस अनुपात में घोषणाएं करेंगे? मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने गत वर्ष जुलाई में राजगढ़ का दौरा किया था। उस समय उन्होंने राजगढ़ के लिए दस और सराहां क्षेत्र के लिए एक दर्जन घोषणाएं की थीं। इसलिए राजगढ़ क्षेत्र के लोग आस लगाए बैठे हैं कि सराहां के दौरे में वह राजगढ़ क्षेत्र के लिए सराहां की तुलना में अधिक घोषणाएं करेंगे। इस दौरे के लिए राजगढ़ और सराहां क्षेत्र से भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक दर्जन मांगें सांसद सुरेश कश्यप को लिखकर दी हैं। कांग्रेसी नेता रणजीत हाब्बी, शकुंतला प्रकाश, राजकुमार ठाकुर और अनिल शर्मा ने कहा कि घोषणाएं ही नहीं, उन्हें कार्य रूप भी दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री ने गतवर्ष राजगढ़ प्रवास के दौरान जो घोषणाएं की थीं उनमें से हालांकि अधिकतर पूरी हो गईं लेकिन, प्रमुख मांगें अभी भी ठंडे बस्ते में पड़ी हैं। उन्होंने कहा कि राजगढ़ में मिनी सचिवालय निर्माण का कार्य तो दूर शिलान्यास तक नहीं हो पाया है। छह पंचायतों के लिए प्रस्तावित पेयजल योजना भी फाइलों में दफन है। सिविल अस्पताल को 50 से 100 बिस्तर का कर दिया गया, लेकिन यहां 50 बिस्तरों के समय के स्वीकृत आठ पदों में से भी चार और नई स्वीकृति के अनुसार 16 खाली पड़े हैं। परिवहन मंत्री की घोषणा के बाद राजगढ़ में पथ परिवहन निगम का सब डिपो तो खोल दिया गया, लेकिन स्टाफ की कोई स्वीकृति नहीं हुई। अन्य बसें चलनी तो दूर यहां पहले से चलने वाली 13 बसों में भी दो की कटौती करके अब मात्र 11 बसें ही रह गई हैं। शिक्षण संस्थान खुल तो गए हैं, लेकिन स्टाफ और संसाधनों की भारी कमी है। लोगों का कहना है कि घोषणाओं को अमलीजामा भी पहनाया जाए तभी लोगों लाभान्वित होंगे। कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि जब सरकार में सराहां क्षेत्र के लोग बैठे हैं तो विकास के मामले में राजगढ़ क्षेत्र को ज्यादा तरजीह मिलनी चाहिए। भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रताप ठाकुर ने सीएम के दौरे की पुष्टि की है।