सिरमौर हिमाचल प्रदेश के नाहन में नवनिर्वाचित जिप अध्यक्षा सीमा कनियाल भाजपा नेतओं के साथ।
- फोटो : NAHAN
नाहन (सिरमौर)। जनपद में जिला परिषद के गठन को लेकर बेहद रोमांचक हुए मुकाबले में कांग्रेस एक मत के अंतर से हार गई। हालांकि, कांग्रेस ने निर्दलीय को अपने साथ मिलाकर भाजपा को झटका दे दिया था लेकिन अपने ही मोहरों को टूटने से नहीं बचा पाई। इसके साथ ही कांग्रेस ने न सिर्फ सीट खोई बल्कि आत्मविश्वास भी हार गया। इसकी वजह बिल्कुल साफ है। भाजपा ने न सिर्फ कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाई, बल्कि अंत समय तक भाजपा की ओर से पत्ते न खोलना भी इसका मुख्य कारण रहा। इसके पीछे सिरमौर के तीन भाजपा नेताओं की तिकड़ी ने अहम भूमिका निभाई। बीजेपी के शीर्ष प्रतिनिधित्व ने ऐन वक्त पर अपनी साख बचा ली।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप, ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी और नाहन के विधायक डॉ. राजीव बिंदल ने मिलकर कांग्रेस के किले को ध्वस्त कर दिया। इन तीनों नेताओं ने निर्दलीय जीतकर आई भाजपा की बागी जिप सदस्य को अधिमान न देते हुए कांग्रेस के खेमे में ही सेंध लगा दी और जैसे क्यास लगाए जा रहे थे हुआ भी बिल्कुल ऐसा।
भाजपा ने कांग्रेस समर्थित अंजना शर्मा को अपने पक्ष में करके कांग्रेस की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। हालांकि, इसका अंदाजा उसी वक्त लग चुका था, जब कांग्रेस समर्थित सदस्य अंजना 30 जनवरी को अपने अन्य पार्टी के सदस्यों के साथ शपथ समारोह में नहीं पहुंचीं। इसके बाद वह एक फरवरी को भी शपथ समारोह में शामिल नहीं हुई। न ही भाजपा समर्थित सदस्यों ने शपथ ली थी। वहीं कांग्रेस में भी जिप अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को लेकर कोई सहमति नहीं बन पाई थी। कांग्रेस ने शपथ समारोह के दौरान ही अपने पत्ते खोल दिए थे लेकिन भाजपा ने अंत समय तक इससे किनारा दिया।
कांग्रेस ने पहले अपना बहुमत दिखाकर दावा किया कि इस बार भी वह जिला परिषद पर कब्जा कर लेगी लेकिन कांग्रेस अपने ही एक सदस्य को अपने पक्ष में नहीं रख सकी और इसका फायदा भाजपा ने बखूबी उठाया। इसके साथ ही कांग्रेस अपना आत्मविश्वास भी बरकरार नहीं रख पाई। कांग्रेस का समय से पहले अपने पत्ते खोलना मंहगा पड़ गया। जबकि भाजपा ने बेहद ही गुप्त तरीके से कांग्रेस के खेमे में सेंध लगाकर हारी बाजी को अपने पक्ष में कर लिया।
..................