जिला सिरमौर आईटी एसोसिएशन अध्यक्ष ठाकुर धनवीर सिंह व उपाध्यक्ष भरत राणा सचिव प्रकाश राणा ने कहा कि शिक्षकों में रोष व्याप्त है। मुख्यमंत्री व प्रदेश सरकार से ठोस नीति बनाने को केवल आश्वासन ही मिलता रहा है।
चंडीगढ़ की एक आईटी कंपनी को सितंबर 2015 से तीसरी बार कांट्रेक्ट दिया है। कंपनी आईटी शिक्षकों का शोषण करती रही है। कई शिक्षकों को 4 माह से मानदेय नहीं मिला। सरकार ने कोई ठोस नीति नहीं बनाई तो आईटी शिक्षक आंदोलन करेंगे।
आईटी शिक्षक संघ जिला वित्त सचिव दिनेश चौहान, रामेश्वर राणा, सुरेंद्र चौहान व रमेश चौहान ने कहा कि कंपनी के अधीन 968 स्कूलों में 1461 आईटी शिक्षक कार्य कर रहे हैं लेकिन प्रदेश सरकार व विभाग युवाओं को भविष्य के प्रति गंभीर नहीं है। कंपनी ने कई माह से शिक्षकों को मानदेय नहीं दिया है।
शिक्षकों ने कंपनी के अधीन कार्य नहीं करने को 45 दिनों तक आंदोलन किया। सरकार ने शीघ्र ठोस नीति बनाने, इस पीरियड को 6 माह व 15 फीसदी सेलरी बढ़ाने की मांग मान ली। सितंबर 2015 तक 75 फीसदी शिक्षकों को मानदेय नहीं मिला। विगत 4 माह से शिक्षक कार्यरत हैं, बिना मानदेय व कांट्रेक्ट साइन किए।
इससे शिक्षकों को अपने परिवार का पोषण करना कठिन हो गया है। आईटी शिक्षक दुर्गम क्षेत्रों के स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं। कोई ठोस नीति आईटी शिक्षकों के लिए नहीं बनाई जा रही। प्रदेश सरकार ने शीघ्र स्थायी पालिसी नहीं बनाई तो आंदोलन किया जाएगा।
इस मौके पर प्रकाश राणा, जोगेंद्र, मदन सिह, पंकज, शमशेर, दिनेश राणा, सुरेंद्र चौहान, करतार सिंह, संजय ठाकुर, अमर सिंह, रविदत, बलजीत सिंह, तरुण, इंद्र सिंह, सुदेश, पूनम, निर्मला, सरिता, अर्चना, आरती, शीला, सीता तोमर, ओम प्रकाश, सूर्या, नाजिया, जितेंद्र व रंजना आदि मौजूद रहीं।
----