प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिले के धौलाकुंआ में इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) की सौगात देने आ रहे हैं। 18 अक्तूबर को उनका सिरमौर दौरा लगभग फाइनल हो गया है। हालांकि, अभी तक अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। लेकिन, भाजपाइयों की तैयारियों के मद्देनजर उनका यहां आना तय माना जा रहा है। धौलाकुआं में प्रधानमंत्री की विशाल जनसभा होगी। देश के प्रधानमंत्री बनने के बाद उनका हिमाचल का यह पहला दौरा होगा।
वर्ष 2015 से पांवटा साहिब के नजदीक रामपुरघाट स्थित एक निजी भवन में आईआईएम शुरू भी हो चुका है। पहल बैच पूरा होने के बाद इस साल दूसरे बैच की कक्षाएं बैठी हैं। आईआईएम के भवन निर्माण के लिए धौलाकुआं में 1010.5 बीघा भूमि चिन्हित कर आईआईएम के नाम भी कर दी गई है। अब यहां पर शिलान्यास करने की योजना है। जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं यहां पहुंच रहे हैं।
सूत्र बताते हैं कि प्रधानमंत्री का 18 अक्तूबर को सिरमौर में आने का कार्यक्रम फाइनल हो गया है। जबकि रेणुका बांध निर्माण के लिए दो रोज पहले ही 446 करोड़ रुपये जारी हुए हैं। लिहाजा, पीएम इस महत्वकांक्षी परियोजना का शिलान्यास भी कर सकते हैं। वीरवार को प्रदेश भाजपा प्रवक्ता एवं नाहन के विधायक डॉ. राजीव बिंदल ने धौलाकुआं इलाके का दौरा किया।
उन्होंने बताया कि धौलाकुआं का साइट प्लान पीएमओ को भेजा जा रहा है। जिसके बाद अधिकारित तौर पर उनके यहां आने की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल इस संदर्भ में कुछ नहीं कहा जा सकता। आईआईएम रामपुरघाट के प्रभारी दिनेश सक्सेना ने बताया कि पीएम के आने की चर्चा है। अधिकारिक तौर पर अभी तक उन्हें पुष्ट जानकारी नहीं मिली है। जबकि उपायुक्त सिरमौर बीसी बडालिया ने बताया कि सरकारी तौर पर अभी तक लिखित में ऐसी कोई जानकारी नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा अहम माना जा रहा है। एक तो वह पीएम बनने के बाद पहली बार आ रहे हैं। दूसरा अगले साल हिमाचल में चुनाव होने वाले हैं। लिहाजा, हिमाचल में उनकी एक से अधिक जनसभाएं होने की भी संभावना है। ऊना में हुई भाजपा कार्यसमिति की बैठक में भी नाहन और मंडी जिला में पीएम दौरे की चर्चा हुई थी।
हिमाचल प्रदेश में केंद्र सरकार की कई महत्वकांक्षी योजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास होने हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री हिमाचल के बिलासपुर में प्रस्तावित एम्स का शिलान्यास करने के साथ ही बिलासपुर में ही एनटीपीसी के प्रथम हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट (800 मेगावाट) का उद्घाटन कर सकते हैं। वहीं रामपुर की बिजली परियोजना के उद्घाटन की भी संभावना है।