फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sirmour News: पेंशनर गंभीर रोगों से ग्रस्त, सरकार नहीं देरही चिकित्सा बिलों का बजट

विज्ञापन
विज्ञापन
पेंशनर गंभीर रोगों से ग्रस्त, सरकार नहीं देरही चिकित्सा बिलों का बजट
विज्ञापन

बिलों का भुगतान न होने से निराश सेवानिवृत्त अध्यापक संगठन में रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त पेंशनरों की उम्र जैसे-जैसे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई रोग उनको घेर रहे हैं। 75 से 80 साल की आयु पूरी कर चुके कई पेंशनरों की तो सर्जरी तक हो चुकी है।
हैरानी की बात यह है कि इन पेंशनरों के लाखों रुपये के चिकित्सा भत्ता बिल लंबित पड़े हुए हैं। बजट के अभाव में इनका भुगतान नहीं हो रहा है।
इससे महंगाई के दौर में पेंशनर बस घर का खर्च ही पूरा कर पा रहे हैं। बीमारी के इलाज के लिए भी उनको तरसना पड़ रहा है। दरअसल, सेवानिवृत्त अध्यापक संघ सिरमौर ने लंबित पड़े चिकित्सा भत्ता बिलों को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं।
विज्ञापन

यहां जारी बयान में संघ के जिला प्रधान दलीप सिंह वर्मा, नीना कौशिक, गुरूदेव धीमान, वेद प्रकाश, देवीचंद शर्मा, संतराम शर्मा, बिजरा तोमर, ओम लता कालरा, मदन सिंह पंवार, केएस नेगी, प्रेमपाल चौहान, योगराज गुप्ता, यशपाल कछावा, विजय शर्मा, मास्टर सोमचंद, विजय शर्मा, सुखा मोहिल ने कहा कि बजट के अभाव में पेंशनरों के चिकित्सा बिल लंबित पड़े हुए हैं।
कई पेंशनर तो 80 से 85 साल की उम्र पार कर चुके हैं। उनको कई बीमारियों ने घेर रखा है। कइयों की सर्जरी तक हो चुकी है। इसके बावजूद चिकित्सा बिलों के लिए बार-बार मांग के बाद भी बजट का प्रावधान नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन

इससे महंगाई के दौर में पेंशनरों को बामुश्किल ही घर की जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं। अपने इलाज के लिए पैसे तक नहीं बचे। उन्होंने सरकार से मांग की कि पेंशनरों की दिक्कतों को गंभीरता से लेते हुए लंबित बड़े चिकित्सा भत्ता बिलों के भुगतान के लिए उचित बजट का प्रावधान किया जाए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें