पांवटा साहिब (सिरमौर)। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही ने एक मरीज की जान ले ली। मरीज को समय पर न तो उपचार मिला और न ही उसे रेफर किया गया। बिना इलाज के मरीज ने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया। मामला सिविल अस्पताल पांवटा साहिब का है। परिजनों ने चिकित्सक की लापरवाही पर खूब हंगामा किया। इसके बाद पुलिस ने गैर इरादतन का मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत पातलियों के हरदीप सिंह (36) पुत्र जगत सिंह की उपचार के दौरान संदिग्ध मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने खूब हंगामा किया। सूचना मिलते ही सीएमओ नाहन डॉ. संजय शर्मा पांवटा पहुंचे। उन्होंने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। स्थानीय डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम के लिए शव आईजीएमसी शिमला भेजा है। पातलियों निवासी गुरदीप सिंह ने कहा कि उनके भाई हरदीप सिंह(36) पुत्र जगत सिंह को देर रात अचानक पेट में दर्द उठा। इसके बाद उपचार के लिए रात ढाई बजे सिविल अस्पताल पांवटा लेकर पहुंचे।
डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के दौरान इंजेक्शन देकर, सीटी स्कैन करवाने को कहा लेकिन उपचाराधीन मरीज की रात को फिर तबीयत बिगड़ गई लेकिन अस्पताल में कोई चिकित्सक नहीं था। बताया जा रहा है कि चिकित्सक सुबह पांच बजे ही वहां से चले गए थे। जबकि दूसरा कोई और चिकित्सक आया ही नहीं था।
परिजन डॉक्टर को परिसर में तलाशते रहे। युवक की सुबह 7 बजे मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि सही उपचार समय पर नहीं मिल सका। हालत गंभीर होने पर रेफर भी नहीं किया गया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
उधर, डीएसपी पांवटा भीष्म ठाकुर ने बताया कि पुलिस ने भादंसं की धारा 304(ए) व 336 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। शव पोस्टमार्टम के लिए शव आईजीएमसी शिमला भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर ही मौत के कारण का पता चल सकेगा।
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शिकायत पर होगी उचित कार्रवाई : सीएमओ
सीएमओ डॉ. संजय शर्मा ने कहा कि पीड़ित परिजनों की शिकायत मिली है। इस मामले की उचित विभागीय जांच होगी। ड्यूटी के दौरान किसी भी तरह की कोई लापरवाही पाई जाती है, तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।