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Sirmour News: जय जगन्नाथ के जयघोष से गूंजा पांवटा साहिब, हजारों श्रद्धालुओं ने खींचा रथ

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पांवटा साहिब में शान से निकलती भगवान जगन्नाथ की विशाल रथ यात्रा। संवाद
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उमस और भीषण गर्मी भी नहीं डिगा सकी श्रद्धालुओं का उत्साह
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इस्कॉन पांवटा की दूसरी विशाल रथ यात्रा में उमड़ी हजारों श्रद्धालुओं की भीड़
बद्रीपुर शिव मंदिर से निकली भव्य यात्रा, संकीर्तन और शंखध्वनि से भक्तिमय हुआ वातावरण
पुरुष, महिलाएं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा, जगह-जगह अर्पित किया गया 56 भोग
संवाद न्यूज एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। भगवान जगन्नाथ की अलौकिक एवं भव्य रथ यात्रा का पांवटा साहिब में आयोजन किया गया। भारी उमस और तन झुलसा देने वाली गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं में उत्सव को लेकर भारी उत्साह देखने को मिला। इस्कॉन चंडीगढ़ के निर्देशन में इस्कॉन पांवटा साहिब की ओर से दूसरी विशाल जगन्नाथ रथ यात्रा निकाली गई।
भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा दोपहर एक बजे बद्रीपुर शिव मंदिर से प्रारंभ हुई। मंदिर के पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बाद सुसज्जित रथ के साथ यात्रा का शुभारंभ कराया। सबसे पहले भगवान जगन्नाथ, उनके भ्राता बलभद्र और बहन सुभद्रा की प्रतिमाओं को फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया। इसके बाद भव्य संकीर्तन और शंखध्वनि के मंगलनाद के बीच भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए निकले।
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रथ यात्रा का आयोजन इस्कॉन फेस्टिवल कमेटी ने किया। इसमें क्षेत्र के हिंदू संगठनों ने सहयोग दिया। इस दौरान हाथी, घोड़ा, पालकी... जय कन्हैया लाल की के उद्घोष से पांवटा शहर गूंज उठा। दिव्य जयकारों के बीच हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान के रथ को खींचा। यात्रा के दौरान जय जगन्नाथ का जयघोष सबसे अधिक गूंजा। इसके अलावा जय बलभद्र, जय सुभद्रा मैया, हरि बोल और हाथी, घोड़ा, पालकी... जय कन्हैया लाल की के जयघोषों से बद्रीपुर से पांवटा साहिब तक पूरा मार्ग भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ रथ खींचते हुए यात्रा में शामिल रहे।
यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग समितियां सक्रिय रहीं। रथ यात्रा में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कई श्रद्धालुओं ने रथ का रस्सा खींचकर पुण्य अर्जित किया। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर भगवान को 56 भोग अर्पित किए गए।
मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ का रथ खींचने से व्यक्ति के दुर्भाग्य का अंत होता है और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। आयोजकों ने बताया कि यह यात्रा हर वर्ष भगवान जगन्नाथ की कृपा तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना के लिए निकाली जाती है। ऐसी भी मान्यता है कि रथ यात्रा में शामिल होकर भगवान का रथ खींचने से अनेक यज्ञों के बराबर पुण्य प्राप्त होता है। यदि किसी कारणवश कोई श्रद्धालु रथ यात्रा में शामिल नहीं हो पाता, तो वह घर पर भगवान जगन्नाथ के मंत्रों का जप कर सकता है।
इस अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. चंदेल, सचिव देवेंद्र शर्मा और कोषाध्यक्ष सुशील कपूर के मार्गदर्शन में जियॉन लाइफ साइंसेज के प्रबंध निदेशक सुरेश गर्ग को मुख्य अतिथि के रूप में सम्मानित किया गया।
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ट्रैफिक व्यवस्था के रहे पुख्ता इंतजाम
रथ यात्रा को सफल बनाने के लिए प्रशासन, पुलिस और स्वयंसेवकों ने विशेष सहयोग दिया। पूरे मार्ग पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

पांवटा साहिब में शान से निकलती भगवान जगन्नाथ की विशाल रथ यात्रा। संवाद

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