पांवटा साहिब(सिरमौर)। हिमाचल में पंचायतीराज चुनाव के दूसरे चरण में मंगलवार को मतदान हुआ। दूसरे चरण में भी प्रथम बार अपने मत का प्रयोग करने वाले मतदाताओं से लेकर बुजुर्गों तक जोश देखने को मिला। उत्साह के साथ लोग मतदान करने पहुंचे। घंटों तक मतदान केंद्र के बाहर लाइनों में खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। लोकतंत्र को महापर्व का हिस्सा बन कर युवा फूले नहीं समा रहे थे।
लोकतंत्र को मजबूत करने में सहभागी बनने और प्रथम बार मतदान करने पहुंचे भाटांवाली के केदारपुर निवासी अनिल कुमार(22) ने कहा कि बेहतरीन अनुभव रहा। मंगलवार को अपने जीवन में प्रथम बार मतदान किया है। पंचायत क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करवाने के लिए अपने मनपसंद प्रत्याशी को वोटिंग की है।
ग्राम पंचायत पुरुवाला निवासी ममता(21) ने कहा कि प्रथम बार मतदान को लेकर खूब उत्साहित थी। मतदान के बाद आभास हो रहा है कि लोकतंत्र का मजबूत हिस्सा बन गए हैं। लोकतंत्र के महापर्व के सहभागी बनने से मन बेहद प्रसन्न है। अमरगढ़ निवासी पूनम (22) का कहना है कि मतदान को लेकर उत्साह के साथ थोड़ी बेचैन भी थी। जिला परिषद, बीडीसी और पंचायत प्रतिनिधियों समेत कुल 5 वोट डालने को लेकर कुछ भ्रम सा भी था लेकिन मतदान केंद्र के भीतर अपने मनपसंद प्रत्याशी को भी मतदान कर लोकतंत्र में मजबूत कड़ी बनने पर कुछ राहत भी मिली। पुरुवाला निवासी निशा(19) ने बताया कि शिक्षित और क्षेत्र के विकास को सबसे काबिल नजर आ रहे प्रत्याशी को ही मत दिया है जिससे पंचायत और क्षेत्र के विकास की गति तीव्र हो सकें। इसके लिए राजनीति और जाति धर्म नहीं केवल उपयुक्त प्रत्याशी को मत दिया है जिससे पंचायत क्षेत्र में विकास की गति को बढ़ावा मिल सकें।
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बोकाला में 107 वर्षीय संदला ने दिया वोट
पांवटा साहिब (सिरमौर)। विकास खंड पांवटा की गिरिपार क्षेत्र की बोकाला पंचायत निवासी संदला देवी (107) ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान की अहमियत सबसे ज्यादा है। इसलिए मतदान जरूर करना चाहिए। पांवटा साहिब की ग्राम पंचायत बद्रीपुर निवासी 100 वर्षीय गुलजारी लाल ने कहा कि लोकतंत्र का पर्व अनूठा है। इसलिए पांच वर्ष बाद आने वाले इस पर्व को मतदान कर मजबूती दी जाती है।
दूरदराज की ग्राम पंचायत पड़दूनी निवासी 85 वर्षीय निक्का राम का कहना है कि बुजुर्ग, महिला व जवान हर मतदाता को मतदान की अहमियत पता रहनी जरूरी है। विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के इस पर्व पर मतदान जरूरी है।
भाटांवाली पंचायत निवासी प्रेम नाथ (74) का कहना है कि कोविड के भय के बावजूद मतदान करना जरूरी है जिससे अपने गांव की सबसे मिनी सरकार कहे जाने वाली ग्राम पंचायत में बेहतर, कर्मठ और जागरूक प्रतिनिधियों को पहुंचाया जा सके। पांवटा की बद्रीपुर पंचायत निवासी 72 वर्षीय चंपा देवी का कहना है कि विकास को गति प्रदान करने वाले शिक्षित और काबिल प्रत्याशी को मतदान करना चाहिए जिससे लोकतंत्र की मजबूती व विकास की गति को कायम रखा जा सके।