-राजगढ़ में पंच सम्मेलन, वीबी-जीराम-जी अधिनियम की दी जानकारी
-मनरेगा से अलग योजना के प्रावधान समझाए
संवाद न्यूज एजेंसी
राजगढ़ (सिरमौर)। विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए योजनाओं का लाभ पंचायत स्तर पर हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचना जरूरी है। संतृप्ति आधारित दृष्टिकोण और विभिन्न योजनाओं के अभिसरण से इस लक्ष्य को पूरा किया जा सकता है। यह बात सहायक आयुक्त एवं खंड विकास अधिकारी उमेश शर्मा ने गुरुवार को आंबेडकर भवन राजगढ़ में आयोजित एक दिवसीय पंच सम्मेलन में कही।
सम्मेलन में पंचायतीराज के निर्वाचित प्रतिनिधियों को विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम (वीबी-जीराम-जी) के प्रावधानों की जानकारी दी गई। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के अलावा पंचायत प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों ने भाग लिया।
उमेश शर्मा ने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल कुछ लोगों तक लाभ पहुंचना नहीं, बल्कि पंचायत क्षेत्र के सभी पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ना है। इसके लिए पंचायत स्तर पर योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
सीओ दिलेर सैनी ने वीबी-जीराम-जी और मनरेगा के बीच अंतर समझाते हुए ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करने में आ रही दिक्कतों के समाधान की जानकारी दी। डॉ. महेंद्र कौशल ने स्वच्छ भारत मिशन के कार्यक्रमों और पंचायतों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
सम्मेलन के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याएं और सुझाव अधिकारियों के समक्ष रखे। अधिकारियों ने उनके समाधान के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाई।-