नाहन (सिरमौर)। गिरि नदी की लहरों में चंडीगढ़ के युवक के डूबने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। नदी-नालों के तटों पर नहाने के लिए उतरे पर्यटकों की मौत पर चिंता जताते हुए उपायुक्त ने जिला के तमाम एसडीएम को ऐसे खतरनाक स्थानों पर साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए थे। गौरतलब है कि ‘अमर उजाला’ ने इस मुद्दे का प्रमुखता से उठाया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब राजगढ़ में चंडीगढ़ के युवक की मृत्यु पर उपायुक्त बीसी बडालिया ने कड़ा संज्ञान लिया है।
आठ जून के अंक में ददाहू स्टेशन से ‘अमर उजाला’ ने ‘गिरि की लहरों में जिंदगी दांव पर लगा रहे पर्यटक’ शीर्षक के साथ साइन बोर्ड नहीं होने की समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। रविवार को राजगढ़ में गिरि नदी में डूबने से चंडीगढ़ के एक पर्यटक की मौत हो गई। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए डीसी बीसी बडालिया ने जिला के सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि वह अपने-अपने क्षेत्र के नदी, नालों व खड्डों के संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों में साइन बोर्ड लगाएं। डीसी के अनुसार अधिकांश दुर्घटनाएं गिरि नदी के यशवंत नगर, करगानू, गौड़ा, बडगला, ददाहू और पांवटा के यमुना नदी के आसपास क्षेत्रों में होती है। पर्यटक तैराकी का अनुभव न होने के बावजूद भी नदी में तैरने का प्रयास करते हैं और कई बार पानी के भंवर में फंस कर जिंदगी गंवा देते हैं। उपायुक्त ने गत दिन राजगढ़ क्षेत्र के बडगला में गिरि नदी में डूबने से हुई चंडीगढ़ के युवक रमणीक की मृत्यु पर गहरा शोक भी जताया।
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कैंपिंग की देनी होगी प्रशासन-पुलिस को सूचना
उपायुक्त बीसी बडालिया ने कहा कि बाहरी राज्यों से आकर कुछ संस्थाएं विशेषकर गिरि नदी के करगानू आदि स्थानों पर कैंप लगाते हैं। ऐसी संस्थाओं को कैंप लगाने से पूर्व स्थानीय प्रशासन व पुलिस को सूचना देना अनिवार्य होगा। उन्होंने एसडीएम राजगढ़ को निर्देश दिए कि पर्यटन विभाग के साथ समन्वय स्थापित करके विशेषकर करगानू, यशवंत नगर, बडगला आदि में साइन बोर्ड शीघ्र स्थापित करवाना सुनिश्चित करें।