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सिरमौर के कई गांव सड़क सुविधा से वंचित

Sun, 18 Sep 2016 11:08 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला संगड़ाह (सिरमौर)।
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सिविल लाइंस-वीआईपी रोड कचहरी तिराहा - फोटो : अमर उजाला
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संगड़ाह (सिरमौर)। सिरमौर जिले के कई गांव आज भी सड़क से वंचित हैं। उनका आवागमन लटकते पुल (रज्जू मार्ग) पर निर्भर है लेकिन इन लटकते पुलों की दयनीय हालत ग्रामीणों की जिंदगी पर भारी पड़ रही है। रज्जू मार्ग में लगे झूले टूट-फूट गए हैं। लोग रस्सों पर चलकर नदी क्रास कर रहे हैं जिससे कभी भी उनकी जान जा सकती है। बावजूद इसके जिला प्रशासन आंख मूंदे बैठा है। नदियों पर बने इन रज्जू मार्ग पर जिंदगी की डोरी टिकी हुई है। ग्रामीण हर रोज रज्जू मार्ग पर करतब करने को विवश हैं।
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सड़क नहीं होने के कारण नदी नालों को पार करने में रज्जू मार्ग की अहम भूमिका है। इनकी हालत खस्ता होने से लोगों का जीवन संकट में है। उपमंडल की ग्राम पंचायत संगड़ाह के गांव सिंयू का भी यही हाल है। यहां गिरि नदी पर बने रज्जू मार्ग की हालत खस्ता है। यहां के ग्रामीणों का संपर्क बरसात के दिनों में जिला मुख्यालय, पंचायत व उपमंडल कार्यालय से भी कट जाता है। 300 की आबादी वाले सियूं, कांडवा, कुंटी गांव के लोग शेष विश्व से कट जाते हैं। गांव के दोनों ओर दो नदियां बहती हैं जिसमें एक तरफ गिरि नदी व एक ओर पालर खड्ड है। पुल की व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीणों को उप मंडल मुख्यालय पहुंचने के लिए या तो 60 किमी का सफर तय करना पड़ता है या फिर अपनी जान पर खेल कर रज्जू मार्ग पार करना पड़ता है।

इसके अलावा गिरि नदी पर ही खाडना मेें सैनधार के जांईचा मझाई व रेड़ली पंचायत के लाना मशूर गांव को जोड़ने वाला, खुरकन व भल्टा मछेर के बीच, ठोड़ निवाड़ व नेरी नावण के बीच, सियूं व लगनू को आपस में जोड़ने वाले रज्जू मार्ग की हालत खस्ता है। इसके अलावा पालर खड्ड पर भी ऐसे दर्जनभर रज्जू मार्ग दयनीय हालत में हैं। कहीं रज्जू मार्ग पर बना झूला टूटा हुआ है तो कहीं महज रस्से ही शेष रहे गए हैं। ग्रामीण इन रस्सों के सहारे भी नदी क्रास कर रहे हैं जो बड़ी अनहोनी का कारण बन सकते हैं। स्कूल जाने वाले छात्र हर रोज जिंदगी दांव पर लगा रहे हैं।
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उधर, इस संदर्भ में खंड विकास अधिकारी राजेश्वर भाटिया ने बताया कि रज्जू मार्ग के रखरखाव के लिए उनके पास राशि का कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि उन्होंने माना कि नदी पार करने में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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